Essence of murli today – 17 June 2019

Essence of today’s murli in Hindi

Essence Of Murli 17-06-2019

17-06-2019-Hin

“मीठे बच्चे – पक्का-पक्का निश्चय करो कि हम आत्मा हैं, आत्मा समझकर हर काम शुरू करो तो बाप याद आयेगा, पाप नहीं होगा”

Q- कर्मातीत स्थिति को प्राप्त करने के लिए कौन-सी मेहनत हर एक को करनी है? कर्मातीत स्थिति के समीपता की निशानी क्या है?

A- कर्मातीत बनने के लिए याद के बल से अपनी कर्मेन्द्रियों को वश में करने की मेहनत करो। अभ्यास करो मैं निराकार आत्मा निराकार बाप की सन्तान हूँ। सब कर्मेन्द्रियां निर्विकारी बन जायें – यह है जबरदस्त मेहनत। जितना कर्मातीत अवस्था के समीप आते जायेंगे उतना अंग-अंग शीतल, सुगन्धित होते जायेंगे। उनसे विकारी बांस निकल जायेगी। अतीन्द्रिय सुख का अनुभव होता रहेगा।

D- 1) बाप जो सच्ची-सच्ची कहानी सुनाते हैं, वह अटेन्शन से सुननी और धारण करनी है, बाप से कुछ भी मांगना नहीं है। 21 जन्मों के लिए अपनी कमाई जमा करनी है।—--2) वापस घर चलना है, इसलिए योगबल से शरीर की कशिश समाप्त करनी है। कर्मेन्द्रियों को शीतल बनाना है। इस देह का भान छोड़ने का पुरूषार्थ करना है।

V- स्वमान की सीट पर सेट हो हर परिस्थिति को पार करने वाले सदा विजयी भव—--सदा अपने इस स्वमान की सीट पर स्थित रहो कि मैं विजयी रत्न हूँ, मास्टर सर्वशक्तिमान हूँ – तो जैसी सीट होती है वैसे लक्षण आते हैं। कोई भी परिस्थिति सामने आये तो सेकण्ड में अपने इस सीट पर सेट हो जाओ। सीट वाले का ही ऑर्डर माना जाता है। सीट पर रहो तो विजयी बन जायेंगे। संगमयुग है ही सदा विजयी बनने का युग, यह युग को वरदान है, तो वरदानी बन विजयी बनो।

S- सर्व आसक्तियों पर विजय प्राप्त करने वाले शिव शक्ति पाण्डव सेना हैं।

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