Essence of murli today – 10 June 2019

Essence of today’s murli in Hindi

Essence Of Murli 10-06-2019

10-06-2019-Hin

“मीठे बच्चे – अवगुणों को निकालने का पूरा पुरूषार्थ करो, जिस गुण की कमी है उसका पोतामेल रखो, गुणों का दान करो तो गुणवान बन जायेंगे”

Q- गुणवान बनने के लिए कौन-सी पहली-पहली श्रीमत मिली हुई है?

A- मीठे बच्चे – गुणवान बनना है तो – 1. किसी की भी देह को मत देखो। अपने का आत्मा समझो। एक बाप से सुनो, एक बाप को देखो। मनुष्य मत को नहीं देखो। 2. देह-अभिमान के वश ऐसी कोई एक्टिविटी न हो जिससे बाप का वा ब्राह्मण कुल का नाम बदनाम हो। उल्टी चलन वाले गुणवान नहीं बन सकते। उन्हें कुल कंलकित कहा जाता है।

D- 1) देह-अभिमान में आने से पाप जरूर होते हैं, देह-अभिमानी को ठौर नहीं मिल सकती, इसलिए देही-अभिमानी बनने का पूरा पुरूषार्थ करना है। कोई भी कर्म बाप की निंदा कराने वाला न हो।—--2) अन्दर की बीमारियां बाप को सच-सच बतानी हैं, अवगुण छिपाने नहीं हैं। अपनी जांच करनी है कि मेरे में क्या-क्या अवगुण हैं? पढ़ाई से स्वयं को गुणवान बनाना है।

V- पावरफुल ब्रेक द्वारा सेकण्ड में निगेटिव को पॉजिटिव में परिवर्तन करने वाले स्व परिवर्तक भव—--जब निगेटिव अथवा व्यर्थ संकल्प चलते हैं, तो उसकी गति बहुत फास्ट होती है। फास्ट गति के समय पॉवरफुल ब्रेक लगाकर परिवर्तन करने का अभ्यास चाहिए। वैसे भी जब पहाड़ी पर चढ़ते हैं तो पहले ब्रेक को चेक करते हैं। आप अपनी ऊंची स्थिति बनाने के लिए संकल्पों को सेकण्ड में ब्रेक देने का अभ्यास बढ़ाओ। जब अपने संकल्प वा संस्कार एक सेकण्ड में निगेटिव से पॉजिटिव में परिवर्तन कर लेंगे तब स्व परिवर्तन से विश्व परिवर्तन का कार्य सम्पन्न होगा।

S- स्वयं प्रति और सर्व आत्माओं के प्रति श्रेष्ठ परिवर्तन की शक्ति को कार्य में लाने वाले ही सच्चे कर्मयोगी हैं।

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