Daily Mahavakya

BRAHMAKUMARIS Aaj Ka Purusharth 9 AUGUST 2019 – आज का पुरूषार्थ

Om Shanti
09.08.2019

★【आज का पुरूषार्थ】★

बाबा कहते हैं … बच्चे, सब अच्छा है … जो कुछ भी हो रहा है, सब अच्छा है … सभी का कल्याण हो – जिन बच्चों के अन्दर यह संकल्प हैं, वो ही स्व-कल्याणी से विश्व-कल्याणी बन सकते हैं…।

शुभ भावना, शुभ कामना … और हर आत्मा के प्रति और हर परिस्थिति में positive संकल्प होना बहुत ज़रूरी है…। 
परन्तु साथ ही साथ drama की समझ होनी भी बहुत ज़रूरी है अर्थात् loveful के साथ-साथ lawful होना…।

जिस तरह, इस समय, बाप अपना part play कर रहा है, अर्थात् बच्चों को बाप-समान बनाने के लिए बाप का loveful के साथ-साथ lawful होना भी बहुत ज़रूरी है, क्योंकि आत्मायें कमज़ोर अर्थात् नम्बरवार होती हैं…।

इस समय स्थिरता के साथ-साथ समझ होना भी अति आवश्यक है, क्योंकि यह बिल्कुल तमोप्रधान दुनिया और तमोप्रधान आत्मायें हैं, इनके बीच रहते स्वयं की समझ के साथ ही अर्थात् हर आत्मा के साथ किस रीति adjust होना है, इस समझ के साथ ही आप सदा स्थिर रह सकते हो।

देखो बच्चे, teacher की पढ़ाई तो खत्म हो चुकी है, अर्थात् teacher का role खत्म हो चुका है … किन्तु बाप अपने बच्चों को अपनी seat देने से पहले अर्थात् बाप का role finish कर, आपको बाप-समान बनाने से पहले आपको महीनता से समझानी दे रहा है, ताकि आप ठीक रीति अपनी ज़िम्मेवारी सम्भाल सको।

देखो बच्चे, बाबा अन्त तक आपके साथ रहेगा और अन्त में सतगुरू बन, अपने master सतगुरू बच्चों के साथ सारे विश्व का कल्याण कर घर (शान्तिधाम) चला जायेगा…।

अच्छा। ओम शांति।

____________________________________

**IMPORTANT POINT*

*इस समय स्थिरता के साथ-साथ समझ होना भी अति आवश्यक है, क्योंकि यह बिल्कुल तमोप्रधान दुनिया और तमोप्रधान आत्मायें हैं, इनके बीच रहते स्वयं की समझ के साथ ही अर्थात् हर आत्मा के साथ किस रीति adjust होना है, इस समझ के साथ ही आप सदा स्थिर रह सकते हो।*

****This content is preferably for the regular students of Brahma Kumaris’ Institution.

【 Peace Of Mind TV 】
Dish TV # 1087 | Tata Sky # 1065 | Airtel # 678 | Videocon # 497 |
Jio TV |

BRAHMAKUMARIS Aaj Ka Purusharth 8 AUGUST 2019 – आज का पुरूषार्थ

Om Shanti
08.08.2019

★【आज का पुरूषार्थ】★

बाबा कहते हैं … बच्चे, बस आप वरदानी मूर्त बनने ही वाले हो, अर्थात् आपके हर बोल और संकल्प सिद्ध होने ही वाले हैं … परन्तु उससे पहले आपको फुल knowledgeful होना पड़ेगा…, अर्थात् आपको यह ज्ञान होना चाहिए कि मेरे अन्दर हर तरह की आत्मा के लिए, सूक्ष्म रीति स्नेह और सहयोग देने की भावना हो, ताकि वो अपना हिसाब-किताब सहज रीति चुक्तु कर अपनी मंज़िल पर पहुँच सके…।

आप instant किसी भी आत्मा पर उनके कर्म के according कोई भी stamp नहीं लगाओ…, अर्थात यह पागल है, यह ठीक नहीं हो सकता, यह धोखेबाज़ है या यह विकारी है…।

इस तरह किसी भी आत्मा के बारे में आपके अन्दर संकल्प ना आये, क्योंकि यह हिसाब-किताब clear करने का कहो या climax period कहो, ऐसा समय होने के कारण आत्मायें भिन्न-भिन्न part play कर रही हैं…। चाहे वो अन्दर खाते ,(internally) ऐसी नहीं हैं…।

देखो, बाप भी तो आपकी सारी कर्म कहानी जानता था। 
फिर भी बाप ने आप बच्चों को भी पहचान, आप बच्चों को पढ़ाना शुरू किया … क्योंकि बाप जानता था कि बच्चों पर समय और वातावरण का प्रभाव है। साथ ही साथ इन्हें हर तरह से अनुभवी मूर्त भी बनना है। इस कारण, बाप ने आपको अपनाया…।

देखो बच्चे, बाप त्रिकालदर्शी है। बाप सब जानता है, परन्तु साथ ही साथ बाप के अन्दर अर्थात् स्वभाविक ही बाप को हर बच्चे को देख रहम और प्रेम आता है … जिस कारण, बाप को बच्चे के कर्म ना दिख, उनके प्रति शुभ और कल्याण की भावना ही निकलती है…। जो बच्चों को आगे बढ़ाने के निमित्त बन जाती हैं।

इस तरह, हर आत्मा के बुरे कर्मों को जानते हुए भी आपकी पहली भावना रहम और कल्याण की हो, फिर उनके कर्मों को देखो…, क्योंकि पहले संकल्प का ही प्रभाव पड़ता है…। इसलिए बाप आपके natural स्वभाव को परिवर्तन करने की पढ़ाई आपको पढ़ा रहा है … और माया और प्रकृति भी indirect way से बाप की सहयोगी ही बन गई है। 
जिससे आप परिपक्व बनते जा रहे हो…।

बस बच्चे, इस समय आप फुल powerful रहो … और इस कार्य को संकल्प से सहज समझो, अर्थात् स्वयं को बाप की seat पर ही set समझो…। फिर तो कार्य सम्पन्न हो जायेगा…।

अच्छा। ओम शांति।

____________________________________

**IMPORTANT POINT*

*आप instant किसी भी आत्मा पर उनके कर्म के according कोई भी stamp नहीं लगाओ…, अर्थात यह पागल है, यह ठीक नहीं हो सकता, यह धोखेबाज़ है या यह विकारी है…। आपके अन्दर हर तरह की आत्मा के लिए, सूक्ष्म रीति स्नेह और सहयोग देने की भावना हो, ताकि वो अपना हिसाब-किताब सहज रीति चुक्तु कर अपनी मंज़िल पर पहुँच सके…।*

****This content is preferably for the regular students of Brahma Kumaris’ Institution.

【 Peace Of Mind TV 】
Dish TV # 1087 | Tata Sky # 1065 | Airtel # 678 | Videocon # 497 |
Jio TV |

BRAHMAKUMARIS Aaj Ka Purusharth 7 AUGUST 2019 – आज का पुरूषार्थ

Om Shanti
07.08.2019

★【आज का पुरूषार्थ】★

बाबा कहते हैं … बच्चे, आप सब बच्चे स्वयं को बाप-समान बना रहे हो, जोकि एक बहुत ऊँची मंज़िल है। जिस पर आप अपनी power से ही पहुँच सकते हो … और बाप आप बच्चों का साथी, सहयोगी बन बहुत सहज रीति आपकी power के according, आपको आपकी मंज़िल तक पहुँचाता है, परन्तु चलना आपको ही पड़ता है…!

आप बच्चे जितना-जितना light का अभ्यास करते हो और बाप की याद में रहते हो, उतना ही आप बच्चों में powers आती जाती है…, जिससे सहज ही आप अपनी मंज़िल पर पहुँचते हो।

अब power भी कौन-सी…? स्वयं को check कर स्वयं के संस्कारों को बाप-समान बनाने की…।

इसके लिए पहले तो स्वयं को परिवर्तन करने की acceptance चाहिए, तभी तो आप अपनी योग-अग्नि के द्वारा अपने कठोर संस्कारों को जला, हर संस्कार को एकदम soft बना, स्वयं को बाप-समान बना लेते हो…।

देखो बच्चे, आप बच्चों का सम्पन्न स्वरूप (फरिश्ता स्वरूप) प्रेम से भरपूर है … तो इस समय आप बच्चों को भी loveful बनना है। जितना-जितना loveful बनते जाओगे, उतना ही सहज होता जायेगा…।

बस बच्चे, स्वयं की बुद्धि ना चला, बाप की बुद्धि के according चलो…, जिससे सहज ही और बहुत ही जल्दी आप अपनी मंज़िल पर पहुँच जाओगे…।

आप अपने तन के मालिक हो और आपके सूक्ष्म से सूक्ष्म संकल्प का भी प्रभाव तन पर पड़ता है।

जितना आप flawless बनते हो, उतना ही आपका तन सहज ही flawless बन जाता है … otherwise आप जितना मर्ज़ी योग लगाते रहो … light का अभ्यास करते रहो … किन्तु आपका एक भी सूक्ष्म-सा कठोर संस्कार, ना तो आपको आपकी मंज़िल तक पहुँचने देगा और ना ही आपका तन परिवर्तन होगा…।

बस, बाप की हर समझानी को सहज ही accept कर, स्वयं को परिवर्तन कर, परिवर्तन-कर्ता बन, विश्व-परिवर्तन का कार्य सम्पन्न करो…।

अच्छा। ओम शांति।

____________________________________

**IMPORTANT POINT*

*आप जितना-जितना light का अभ्यास करते हो और बाप की याद में रहते हो, उतना ही आप बच्चों में powers आती हैं…, स्वयं को check कर स्वयं के संस्कारों को बाप-समान बनाने की…। बस, स्वयं को परिवर्तन करने की acceptance चाहिए।*

****This content is preferably for the regular students of Brahma Kumaris’ Institution.

【 Peace Of Mind TV 】
Dish TV # 1087 | Tata Sky # 1065 | Airtel # 678 | Videocon # 497 |
Jio TV |

BRAHMAKUMARIS Aaj Ka Purusharth 6 AUGUST 2019 – आज का पुरूषार्थ

Om Shanti
06.08.2019

★【आज का पुरूषार्थ】★

बाबा कहते हैं … बच्चे, आखिर कब तक बाप तमोप्रधानता की speed को रोक कर रखेगा…?
आप कब तैयार होंगे…?

बस बच्चे, अब आप न्यारे हो जाओ, अर्थात् आपके पास कोई भी छोटी, चाहे बड़ी किसी भी तरह की problem हो, उसे माया का वार समझ cross कर लो।

देखो, आप बच्चे युद्ध के मैदान में हो और जब तक आप सम्पूर्ण विजयी नहीं बन जाते, तब तक माया और प्रकृति मिल, आप बच्चों पर वार करती रहेगी।

किन्तु आप बच्चों को कोई भी तन की problem हो, मन में स्वयं की ही कमज़ोरी के संकल्प हों, धन ऊपर-नीचे हो, या सम्बन्ध-सम्पर्क की तरफ से या अन्य आत्मा की तरफ से कोई भी problem आये, या चारों ही तरफ से कोई भी परिस्थिति आये, तो उसे *‘‘कुछ भी नहीं है…’’* – ऐसा सोच, झट से stable हो जाओ।

देखो बच्चे, आप पाँच तत्वों से बने इस तन में और तमोप्रधानता के बीच रह रहे हो, तो आपको दिखेगा, सुनेगा और महसूस तो वो ही होगा जिस रूप में आपके पास आयेगा, परन्तु आपके *‘‘कुछ भी नहीं है…’’* – ऐसा संकल्प करते ही वो बात हल्की हो जायेगी…।

वैसे भी इस दुनिया में है भी क्या…? कीचड़ पट्टी ही तो है…। बस, मन से इससे बार-बार न्यारे होने का अभ्यास करते रहो …

देखो, आप बच्चों की सारी ज़िम्मेवारी बाप की है … परन्तु तब, जब आप अपने संकल्प ना चला बाप पर समर्पण हो जाते हो…।

बस, किसी भी बात में स्वयं की मन-बुद्धि ना चला, बाप के according अपनी मन-बुद्धि चलाओ, फिर तो आप बच्चों की विजय हुई ही पड़ी है…।

बच्चे, इस समय आपकी मन-बुद्धि पर माया और प्रकृति का भी बीच-बीच में प्रभाव पड़ जाता है। इसलिए conscious में आते ही, अर्थात् aware रह, स्वयं की मन-बुद्धि को बाप के according चलाने का attention रखते रहो।

*जो करेगा, सो बनेगा* … अर्थात् इस समय बाबा केवल विजयी रत्न बनाने की ही पढ़ाई पढ़ा रहे हैं। केवल विजयी रत्न बच्चे ही परमात्मा बाप की पढ़ाई को सही रीति समझ अपने तन, मन, धन, सम्बन्ध-सम्पर्क या मन्सा, वाचा, कर्मणा को बाप के according use कर पाते हैं … अर्थात् विजयी रत्न बच्चे ही बाप की पढ़ाई को महीनता से समझ, 100% निश्चयबुद्धि बन, स्वयं को 100% समर्पण कर पाते हैं।

अच्छा। ओम शांति।

____________________________________

**IMPORTANT POINT*

*आप पाँच तत्वों से बने इस तन में और तमोप्रधानता के बीच रह रहे हो, तो आपको दिखेगा, सुनेगा और महसूस तो वो ही होगा जिस रूप में आपके पास आयेगा, परन्तु आपके ‘‘कुछ भी नहीं है…’’ – ऐसा संकल्प करते ही वो बात हल्की हो जायेगी…।*

****This content is preferably for the regular students of Brahma Kumaris’ Institution.

【 Peace Of Mind TV 】
Dish TV # 1087 | Tata Sky # 1065 | Airtel # 678 | Videocon # 497 |
Jio TV |

BRAHMAKUMARIS Aaj Ka Purusharth 5 AUGUST 2019 – आज का पुरूषार्थ

Om Shanti
05.08.2019

★【आज का पुरूषार्थ】★

बाबा कहते हैं … बच्चे, तमोप्रधान दुनिया के बीच रहते स्वयं को सतोप्रधान बनाने का कार्य चल रहा है और यह कार्य बहुत speed से अपनी मंज़िल की तरफ पहुँच रहा है।

यह समय ऐसा जा रहा है, जहाँ गुण रुपी शक्ति तो क्या, गुण भी नाम के, अर्थात् मुख के द्वारा गुण दिखाने के लिये अर्थात् नाम-मात्र के रह गये हैं और चारों तरफ आसुरी शक्ति ही रह गई है…!

ऐसे वातावरण में आप गुणों रुपी शक्ति को धारण करने के capable बनते जा रहे हो, अर्थात् दुनिया के लोग जितनी speed से नीचे जा रहे हैं, उससे कई अधिक ज्यादा speed से आप ऊपर की तरफ जा रहे हो। 
जिस कारण, तमोप्रधानता का opposition आप बच्चों के लिये बढ़ता जा रहा है, अर्थात् वो स्थूल और सूक्ष्म कई रूप से आप बच्चों पर वार कर रही है, परन्तु परमात्मा बाप के बच्चों पर विजय पाना असम्भव है…।

बच्चे, आप स्वयं पर attention रखो। कोई भी कमज़ोर संकल्प आये तो उसे एक second में एक side में कर दो। कोई भी कमज़ोरी के संकल्प को स्वयं के पास मत रखो, अर्थात् ये मत सोचो अभी मैं 100% संतुष्ट या बाप-समान तो बना नहीं हूँ…!

बस आपको तो बार-बार स्वयं पर attention रखना है, अर्थात् जो संकल्प बाप दे रहे हैं उस पर attention देना है … और जो संकल्प तमोप्रधानता के, बाहर से, अर्थात् विभिन्न रूप में आपके पास आ रहे हैं … उसे side में करते जाना है … अर्थात् *कुछ भी नहीं है…,* ऐसा सोच आगे बढ़ जाना है।

आप speed से आगे बढ़ रहे हो और सम्पन्नता के समीप हो। बस बाप पर निश्चय रखो।

जिन बच्चों के साथ परमात्मा बाप है उनकी विजय, सारी कायनात मिलकर भी रोक नहीं सकती…!

अच्छा। ओम शांति।

____________________________________

**IMPORTANT POINT*

*यह समय ऐसा जा रहा है, जहाँ गुण रुपी शक्ति तो क्या, गुण भी नाम के, अर्थात् मुख के द्वारा गुण दिखाने के लिये, अर्थात् नाम-मात्र के रह गये हैं और चारों तरफ आसुरी शक्ति ही रह गई है…!*

****This content is preferably for the regular students of Brahma Kumaris’ Institution.

【 Peace Of Mind TV 】
Dish TV # 1087 | Tata Sky # 1065 | Airtel # 678 | Videocon # 497 |
Jio TV |

Purusharth 4/8/19 : Click Here

Font Resize