BRAHMAKUMARIS Aaj Ka Purusharth 9 JANUARY 2018 – आज का पुरूषार्थ

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Om Shanti
09.01.2019

★【 आज का पुरूषार्थ】★

बाबा कहते हैं … बच्चे, स्वयं के ऊँचे स्वमान के स्मृति स्वरूप बनो।

आपको हर पल यह याद रहना चाहिए कि मैं कौन हूँ और किसका हूँ…? 
यही स्मृति आप बच्चों को विश्व के आगे प्रत्यक्ष करेगी।

जब आप अपने परिवार के सम्बन्ध में आते हो तो आपका हंसना, बोलना, मज़ाक करना, गुणों से भरपूर बहुत natural और सहज होता है … परन्तु, संगठन के बीच आपको स्वयं पर full attention रखना है।

जिस तरह देवता बहुत royal, हर्षितमुख, मधुर, soft, रहमदिल, क्षमाशील, कल्याण आदि गुणों से भरपूर रहते हैं, इसी तरह यह सभी गुण आप बच्चों में प्रत्यक्ष दिखने चाहिए। 
सभी को लगें, कि यह हमसे अलग हैं…! 
और यह सभी गुण आप बच्चों से तब प्रत्यक्ष अनुभव होंगे, जब आप बच्चे स्वयं को ऊँच स्वमान में स्थित रखोगे।

ऊँच स्वमान में स्थित होना अर्थात् आपको अन्दर से अनुभव होना चाहिए कि मैं ही इतनी ऊँच authority हूँ, जिसे पूरे विश्व का कल्याण करना है…।

इसलिए अब अपने ऊँचे स्वमान को अनुभव करो…। 
स्वयं की शक्तियों को, गुणों को अनुभव करो…।

बस थोड़ा-सा attention रखोगे अर्थात् अपने गुणों और शक्तियों को अपनी दिनचर्या में use करोगे, तो सहज ही यह आपके गुण और शक्तियां आपके संस्कार बन जायेगे…।

देखो बच्चे, बाप तो आया ही है सबको सम्पन्न बनाने … परन्तु जो स्वयं पर attention रख स्वयं बनेंगे, वो तो थोड़े ही समय में प्रत्यक्ष होना शुरू हो जायेंगे और जिन्हें बाप बनायेगा वो अन्त में होंगे…!

फिर देखो, दोनों के आनन्द के समय में कितना अन्तर आ जायेगा और पद में भी…!

इसलिए, बाप का स्नेह और सहयोग लो … अर्थात् बाप से बुद्धियोग लगा, स्वयं पर attention रख स्वयं ही स्वयं को सम्पन्न बनाओ … तो प्राप्तियां अपरमअपार है अन्यथा, आप स्वयं ही समझदार हो…!

जो बच्चे जितने निश्चय के साथ बाप की हर श्रीमत का पालन कर पुरूषार्थ कर रहे हैं, उन आत्माओं से अन्य को प्रत्यक्ष परिवर्तन अनुभव होगा…।

देखो, यह ना हो कि सम्पन्न बनने की list में आने की बजाए, देखने वाले बन जाओ…! 
अभी भी थोड़ा-सा समय है … तो अपना कुछ भाग्य तो बना लो…।

अच्छा। ओम् शान्ति।

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