BRAHMAKUMARIS Aaj Ka Purusharth 25 JANUARY 2018 – आज का पुरूषार्थ

To Read 24 January Shiv Baba’s Mahavakya :- Click Here

Om Shanti
25.01.2019

★【 आज का पुरूषार्थ】★

बाबा कहते हैं … बच्चे, समय अनुसार अब आप बच्चों की स्थिति एकरस होनी चाहिए।

यह स्थिति आपकी तब होगी, जब आपमें वैराग्य वृत्ति होगी अर्थात् एक ही लगन होगी कि अब घर (परमधाम) जाना है।

साथ ही साथ इस दुनिया में रहते आप बच्चों के अन्दर हर आत्मा के लिए चाहे वो कितनी भी अपकारी हो, उनके प्रति प्रेम, रहम और कल्याण की भावना होनी चाहिए … क्योंकि वो आत्मा कल्प पहले मुआफिक अपना accurate role play कर रही है।

जैसे-जैसे आप आत्माओं के अन्दर शान्ति और पवित्रता की शक्ति बढ़ती जायेगी तो देव कुल की आत्मायें जो भविष्य में आपके समीप आने वाली आत्मायें हैं, वो automatically आपके समीप आती जायेगी … और देर से आने वाली आत्माओं का automatically आपसे connection कम होता जायेगा … अर्थात् वो स्वयं ही अपने संस्कार के वशीभूत, आपसे न्यारी होती जायेंगी। 
और न्यारी होते हुए भी सदा आपकी शुभ-भावना और शुभ-कामना के कारण महसूस करेंगी कि यह तो श्रेष्ठ आत्मायें हैं … हमसे अलग हैं…!
यह परिवर्तन अपने आप होगा, इसके लिए आप बच्चों को कुछ नहीं सोचना…।

बस, आपको तो हर आत्मा के संस्कारों को परख उसके according उनके सम्पर्क में आना है … अर्थात् पहले से ही उनके part को जान present में रह शुभ-भावना, शुभ-कामना के साथ तुरन्त बिन्दी लगा, बिन्दी बन, बिन्दी बाप (निराकार शिव) के संग बैठ जाना है … अर्थात् एक भी संकल्प ऐसी आत्माओं के प्रति व्यर्थ ना चले…।

आप हो विश्व-कल्याणकारी बच्चे, तो आपको पहले सम्बन्ध-सम्पर्क में आने वाली आत्माओं का कल्याण करना है, तो ही विश्व का कल्याण होगा…।

बच्चे, बस आपको knowledgeful बन स्वयं पर attention रखना है अर्थात् आपको स्वयं को देखते रहना है कि मेरी मन-बुद्धि कहाँ-कहाँ जा रही है…? 
और फिर powerful बन अर्थात् बाप को अपने संग रख, मन-बुद्धि को ठीक direction पर लाने का पुरूषार्थ करते रहना है … फिर विजय आप बच्चों की ही है…।

Present में रहने का मतलब … पहले का बीता हुआ एक second, past है और आने वाला अगला second, future है…।

अच्छा। ओम् शान्ति।

【 Peace Of Mind TV 】
Dish TV # 1087 | Tata Sky # 1065 | Airtel # 678 | Videocon # 497 |
Jio TV |

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Font Resize