BRAHMAKUMARIS Aaj Ka Purusharth 2 MARCH 2018 – आज का पुरूषार्थ

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Om Shanti
02.03.2019

★【 आज का पुरूषार्थ】★

बाबा कहते हैं … बच्चे आप शरीर नहीं हो, आप एक आत्मा हो … बिन्दु स्वरूप light-might आत्मा हो।

देखो, आपका बाप भी निराकार है और बाप को निराकार आत्मा अर्थात् जो इस शरीर से उपराम है, वो ही आत्मा पसन्द आती है।

बस, आपका पुरूषार्थ ही यह है, इस पाँच तत्वों की दुनिया से … पाँच तत्वों से बने शरीर से उपराम होना…।

यदि आप बच्चों का मन इस शरीर में अर्थात् यह खाना है, यह नहीं खाना, यह अच्छा है, यह बुरा है … नहीं बच्चे, सबकुछ करते इससे 100% न्यारे … कोई लगाव नहीं, कोई झुकाव नहीं, natural nature ही बन जाये कि मैं एक आत्मा हूँ…, इस शरीर से न्यारी … अब मुझे अपने बाप (निराकार शिव) के पास जाना है…।

जब आपकी ऐसी अवस्था हो जायेगी, तब आप पर इस दुनिया का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा…।

जब आपको बाप-समान बनना है, तो ऐसी अवस्था धारण करनी पड़ेगी…।

सच्चे दिल से बाप की श्रीमत की पालना करते चले जाओ…।

वैसे भी जब किसी से अटूट प्यार होता है तो और कुछ अच्छा ही नहीं लगता … जैसे वो कहें, वैसे करने को दिल करता है…।

परन्तु यहाँ साथ ही साथ बहुत हल्के होकर करना है, कहीं भी फंसना नहीं है।

यदि आपकी मन-बुद्धि किसी भी चीज़ के प्रभाव से detach है अर्थात् आप किसी भी चीज़ को enjoy नहीं करते … बस, बाप के साथ का या बाप की बातों में ही enjoy करते हो, तो आप अपनी मंज़िल के समीप हो…।

बस, बाप भी सच्चे दिल वाले बच्चों को समय आते ही गोद में उठा, अपने पास बिठा लेगा।

बस बच्चे, आपको इस दुनिया में रहते इस दुनिया से 100% न्यारे होने का सच्चे दिल से पुरूषार्थ करना है।

बच्चे, आप बच्चों को साक्षात्कार मूर्त बनना है। इसलिए आपका रहना, खाना, पहनना, बोलना अर्थात् सबकुछ बहुत royal होना चाहिए … सन्यासी मिसल नहीं…, बल्कि देवताओं मिसल, ऊँच भी और न्यारापन भी, अर्थात् 100% सन्तुष्ट…।

अच्छा। ओम् शान्ति।

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