BRAHMAKUMARIS DAILY MAHAVAKYA 8 JUNE 2018 – Aaj Ka Purusharth

To Read 7 June Shiv Baba’s Mahavakya :- Click Here

Om Shanti
08.06.2018

★【 आज का पुरुषार्थ 】★

बाबा ने कहा कि बाबा सभी बच्चों के पुरूषार्थ को देख रहा था…। 
तो बाबा ने देखा कि बच्चे सच्चे दिल से उमंग-उत्साह के साथ पुरूषार्थ में लगे हुए है और उनके अन्दर इच्छा भी एक ही है कि जैसे बाप कहें वैसे करना ही है…।

परन्तु बीच-बीच में बाप की श्रीमत् ठीक रीति ना समझने के कारण पुरूषार्थ को ही लेकर भारी हो जाते है…! 
पर बच्चे पुरूषार्थ तो है ही double light रहने का…! अर्थात् कोई भी, किसी भी प्रकार का minor सा भी संकल्पों में बोझ नहीं…। 
जब है ही सब बाप (परमात्मा पिता) का, फिर बोझ कैसा…?

देखो, गृहस्थ व्यवहार में रहते हुए स्वयं हल्का रहना और अपने परिवार को भी हल्का रखना – यही सबसे बड़ा पुरूषार्थ है … और जब आप सम्पूर्ण रीति हल्के रहते हो तो आपको मंज़िल तक पहुँचाना बाप की ज़िम्मेवारी है…।

इसलिए निश्चिन्त रह स्वयं पर attention रखो…। 
बस, आपने अपने परिवार को हल्के रखने का attention रखना है अर्थात् आपके कारण कोई भी आत्मा भारी ना हो … और वैसे तो हर आत्मा का part अपना-अपना है…।

बस आप बाप पर 100% निश्चय रख निश्चिन्त रहो अर्थात् ‘‘एक बल – एक भरोसा’’।

बच्चे, अब love and light का अभ्यास करते चले जाओ…।
अब आपको feel होना चाहिए कि आप light के शरीर में point of light हो और आपसे प्रेम का प्रकाश फैलता चला जा रहा है जोकि सभी आत्माओं के साथ-साथ प्रकृति के पाँचो तत्वों को भी पहुँच रहा है…।

जैसे-जैसे आपकी प्यार की किरणें powerful रूप से सभी की सेवा करेगी तो इस पाँच तत्वों की दुनिया का प्रभाव आप पर नहीं होगा…।

आपका प्रेम का प्रकाश सभी को शान्त और शीतल कर देगा और आप भी निर्बन्धन बन अर्थात् बाप-समान बन विश्व परिवर्तन का कार्य कर दोगे…।

बच्चे, इसके लिए love and light का अभ्यास करते रहो…। बिल्कुल हल्के रहना है। अपना सब कुछ बुद्धि से परमात्मा बाप के हवाले कर आगे बढ़ना है…। बाप हर पल आप बच्चों के साथ है…।

अच्छा। ओम् शान्ति।

【 Peace Of Mind TV 】
Dish TV # 1087 | Tata Sky # 1065 | Airtel # 678 | Videocon # 497 |
Jio TV |

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Font Resize