BRAHMAKUMARIS DAILY MAHAVAKYA 7 AUGUST 2018 – Aaj Ka Purusharth

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Om Shanti
07.08.2018

★【 आज का पुरूषार्थ】★

बाबा ने कहा…
बच्चे, जब तुम बच्चे यहाँ अपना 100% attention दे, उमंग-उत्साह में रह आगे से आगे बढ़ते हो अर्थात् हर तरह के paper easily cross करते हो अर्थात् उसमें अपनी मन-बुद्धि ना लगा … बाप (परमात्मा पिता) को समर्पण हो जाते हो, तो तुम्हारे सम्पन्न स्वरूप की speed तीव्र हो जाती है, जिससे बहुत जल्द ही बेहद की सेवा का कार्य finish हो जायेगा…। 
और इस समय तो बाप का भी एक ही लक्ष्य है कि बाप-समान बच्चों को बाप की post पर बिठा कार्य को सम्पन्न करें…।

बस बच्चे, आप भी इसी तरह उमंग-उत्साह में रह तीव्र गति से आगे बढ़ो। बाप जानता है कि विजय मेरे इन बच्चों की ही होगी…। बस आप भी निश्चय रख आगे से आगे उमंग-उत्साह में रह एक second भी waste किये बिना आगे बढ़ो।

वाह बच्चे वाह … 100% समर्पण बुद्धि वाले बच्चों की विजय समय से पहले निश्चित है।

देखो बच्चे, बाप है प्यार का सागर, विश्व कल्याणकारी और त्रिकालदर्शी – उसे तो आत्माओं को जब वो प्रकृति, माया या स्वभाव-संस्कार वश ऐसा कोई कार्य करती है, जो उन्हें नहीं करना चाहिए … तो बाप को तो उनके प्रति बहुत प्रेम आता है कि यह आत्मा क्या कर रही है…! व्यर्थ ही अपना हिसाब-किताब बना रही है…!

और फिर बाप तो विश्व-कल्याणकारी है, वो तो उन आत्माओं के प्रति और ही कल्याण की भावना रखता है।

फिर बाबा ने कहा… 
बच्चे, बाप कभी भी किसी भी आत्मा को सज़ा नहीं दे सकता … हर आत्मा अंत में अपने किये गए कर्म के according ही अपनी सज़ा fix करती है…।

परन्तु आपकी और मेरी शुभ भावना और शुभ कामना उन आत्माओं को इतनी शक्ति देती है कि वो सहज रीति अपने कर्मों के बन्धन से मुक्त हो घर (परमधाम) जाते हैं।

इसलिए बच्चे, अब तो आप बच्चों को भी हर हाल में हर आत्मा के प्रति शुभ भावना, शुभ कामना रखनी है … क्योंकि आप ही तो बाप-समान बच्चे हो … दृढ़ता पूर्वक love and light का अभ्यास कर जो आपने अपना chart बनाया है उसमे 100% marks लो ताकि जल्द से जल्द बाप-समान स्थिति में स्थित हो बाप के साथ विश्व-परिवर्तन का कार्य कर सको…।

अच्छा। ओम् शान्ति।

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