BRAHMAKUMARIS DAILY MAHAVAKYA 7 APRIL 2018 – Aaj Ka Purusharth

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*Om Shanti*
*07.04.2018*

★【 *आज का पुरुषार्थ*】★

बच्चे, आप सब बच्चों को इस जन्म में भी परमात्मा बाप से indirect और direct पालना लेते कितना समय हो गया है…?

हर पल शिवबाबा ने चाहे indirect था, तब भी विशेष पालना दी, और अब तो बाबा स्वयं बाप, टीचर और सतगुरु बनकर आ गया है … आप बच्चों को आप-समान बनाने।

बस अब आप बच्चों को बाबा की direct पालना का सबूत देना है। सबूत देना अर्थात् बाप की पढ़ाई का … अर्थात् ज्ञान के हर point का practical अनुभव करना अर्थात् natural स्वरूप बन जाना।

देखो, बाप ने आकर कहा कि आप आत्मा हो और परमात्मा बाप की संतान हो, तो अब आत्मा और परमात्मा के combined स्वरूप का natural ही अनुभव होना चाहिए…।

क्योंकि ऐसा ना हो कि आप मन में सोचते भी रहो कि मैं आत्मा, परमात्मा की संतान हूँ परन्तु साथ का अनुभव अन्य आत्माओं का हो… नहीं…।

आप बच्चों को daily life में बाप के साथ-साथ बाप के सहयोग का भी full अनुभव हो, अर्थात् आपको अनुभव हो कि; 
बाप (परमात्मा पिता) के साथ चल रहे है … खा रहे हैं …. बात कर रहे हैं …. काम कर रहे हैं … अर्थात् मैैं अकेला नहीं… दो हैं।

बुद्धि रूपी नेत्र में मैं और मेरा बाबा बस…।
इस तरह हर गुण और हर शक्ति अब आपके अन्दर तक समा जानी चाहिए। 
अर्थात् आपके व्यवहार में प्रत्यक्ष दिखनी चाहिए … आपके सम्बन्ध-सम्पर्क में आने वाली आत्माओं को आपमें परिवर्तन अनुभव होना चाहिए।

और यह परिवर्तन भी तब ही सम्भव है, जब आप हर पल बाप को अपने संग रखते हो, क्योंकि यही संग आपको बाप-समान बनायेगा।

बस बच्चे, आप बच्चों को तो ज्ञान-गुण-शक्तियों का practical अनुभव करने का पुरूषार्थ करना है, और इसी पुरूषार्थ से ही आप बाप की मदद के पात्र बनते हो।

इसलिए अब रहना भी बिल्कुल हल्का है …. दिलशिकस्त नहीं होना … क्योंकि अभी आप पुरूषार्थ कर रहे हो। बस पुरूषार्थ alert होकर करना है।

बच्चों के अन्दर लगन अच्छी है … दिल भी सच्चा है … बस स्वयं पर attention 100% रखना है। फिर बाप भी बहुत-बहुत जल्दी बच्चों को आप-समान बना अपने पास बिठा लेगा।

अच्छा । ओम् शान्ति ।

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