BRAHMAKUMARIS DAILY MAHAVAKYA 6 NOVEMBER 2018 – Aaj Ka Purusharth

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Om Shanti
06.11.2018

★【 आज का पुरूषार्थ】★

बाबा ने कहा … बच्चे, स्वयं को light समझ मुझ Supreme light को याद करो…। 
बस, यही है अन्तिम पढ़ाई और सारी पढ़ाई का सार भी…।

जितना आप स्वयं को light अनुभव करते जाओगे, उतना ही आपको अपने पुरूषार्थ की प्रालब्ध अर्थात् प्राप्तियाँ मिलनी शुरू हो जायेंगी…।

स्थूल और सूक्ष्म, हर रूप से सिद्धि स्वरूप बन जाओगे…।

बस love and light का अभ्यास करते चले जाओ, फिर शुरू होगी कमाल पर कमाल …

(LOVE & LIGHT का अभ्यास अर्थात् इन आंखों से सबको उनके original स्वरूप् अर्थात् light देखना है … वो भी बहुत प्रेम के साथ … और महसूस करना है कि; मैं आत्मा point of light … light के शरीर में हूँ … और मुझसे प्रेम का प्रकाश फैलता चला जा रहा हैं … जोकि सभी आत्माओं के साथ-साथ प्रकृति के पाँचों तत्वों को भी पहुँच रहा है…। मेरे चारों तरफ बस light ही light है … बस light ही light है … जो कुछ भी मुझे इन आँखों से दिख रहा है, सबकुछ light है…)

यह अभ्यास भी वही आत्मा सही रीति कर पायेगी जिसने अभी तक बाप की श्रीमत को 100% follow किया होगा…, और उसके लिए यह पुरूषार्थ बहुत सहज भी है और मंज़िल भी बिल्कुल समीप…।

देखो बच्चे, जब अब बाप (परमात्मा शिव) direct पढ़ाने के लिये आ गया है तो समय से पहले बनना तो सभी को पड़ेगा ही…, चाहे तो स्वयं के पुरूषार्थ से बनो, जोकि सबसे सहज रास्ता है अन्यथा बाप स्वयं बनायेगा, जिससे आपका पद भी पीछे हो जायेगा और सज़ाओं का भी अनुभव होगा…।

इसलिए समय के महत्व को समझ स्वयं ही स्वयं को तैयार करो…।

बहुत जल्द से जल्द प्राप्ति स्वरूप बच्चों को देख कई बच्चों का पश्चाताप शुरू हो जायेगा … अर्थात् वो अनुभव करेंगे कि कर तो मैं भी सकता था क्योंकि बहुत ही सहज था…, परन्तु अलबेलेपन के संस्कार ने मुझे कल्प-कल्प के लिए पीछे कर दिया…! 
और अब पूरा कल्प मेरा part मुख्य actor या actress में नहीं होगा…।

इसलिए बच्चे अभी भी समय है, पुरूषार्थ कर कुछ तो अपना number आगे कर लो…!

बस, सच्चाई और सफाई के साथ स्वयं के संस्कारों को परिवर्तन कर बाप की श्रीमत प्रमाण चलते जाओ…।

अच्छा। ओम् शान्ति।

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