BRAHMAKUMARIS DAILY MAHAVAKYA 5 MARCH 2018 – Aaj Ka Purusharth

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*Om Shanti*
*05.03.2018*

★【 *आज का पुरुषार्थ*】★

बच्चे, स्व-परिवर्तन ही विश्व-परिवर्तन का आधार है।

स्व-परिवर्तन अर्थात् अपने स्वभाव-संस्कार को परिवर्तन कर बाप-समान बना लेना … और जैसे-जैसे आपका स्वभाव-संस्कार परिवर्तन होगा, वैसे-वैसे आपके सम्बन्ध-सम्पर्क में आने वाली आत्मायें आपकी सहयोगी बन जायेगी और सहयोगी बनते-बनते योगी।

इसलिए अपने संकल्पों पर और बोल पर attention रखो।

जो बच्चे स्व को परिवर्तन करने का तीव्र पुरूषार्थ अर्थात् full attention रख रहे हैं और जब भी आपका कोई पुराना स्वभाव-संस्कार बाहर निकल कर आता है तो बच्चे भारी हो जाते हैं और सोचते हैं कि इतना समय हो गया अभी तक पूरा परिवर्तन हुआ नहीं है…!

परन्तु बच्चे, आप भारी ना हो किन्तु अपनी checking करो की पहले से कितने percent change हुआ है…?

जब तक सम्पूर्ण रीति सफाई नहीं होती है तब तक यह paper के रूप में आयेंगे ही, परन्तु आप बच्चों को उस समय अपनी मन-बुद्धि को युक्ति-युक्त ढंग से चलाना है, इसके लिए एक तो स्वयं के मालिक बनो और दूसरा बाप को अपने संग रखो।

देखो जब भी कोई बीमारी आती है तो उसका अच्छी तरह से इलाज किया जाता है नाकि सोच-सोच कर समय waste किया जाता है।

पुराना हिसाब-किताब किसी भी रूप में आना अर्थात् हिसाब-किताब clear होना या अपनी मंज़िल के समीप पहुँचना, इसलिए खुशी-खुशी अपने मन-बुद्धि को समझानी दे अपने पुरूषार्थ को तीव्र करो।

दिलशिकस्त वा भारी हो अपना समय व्यर्थ मत करो। बल्कि अपना attention बढ़ा high jump दो।

यह बिल्कुल अन्तिम paper चल रहे हैं इसलिए हर paper में pass होना है, pass होने वाले आगे बढ़ जाते है और fail होने वाले पीछे।

इसलिए 100% attention रख knowledgeful और powerful बन कम से कम समय में अर्थात् second में full-stop लगा paper cross कर लो।

जितना बिन्दु बनने का अभ्यास होगा, उतनी जल्दी बिन्दु लग जायेगा।

बस, पुरूषार्थ करते रहो … विजय तो होनी ही है ।

अच्छा। ओम शान्ति।

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2 thoughts on “BRAHMAKUMARIS DAILY MAHAVAKYA 5 MARCH 2018 – Aaj Ka Purusharth”

  1. बस, पुरूषार्थ करते रहो … विजय तो होनी ही है

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