BRAHMAKUMARIS DAILY MAHAVAKYA 4 JUNE 2018 – Aaj Ka Purusharth

To Read 3 June Shiv Baba’s Mahavakya :- Click Here

Om Shanti
04.06.2018

★【 आज का पुरुषार्थ 】★

बाबा ने कहा… 
बच्चे, मैं हूँ शिव और तुम सब हो पार्वतियां अर्थात् मैं हूँ शिव पिता और तुम सब हो पार्वती माता अर्थात् जगतमाता…। 
यह सदा आप बच्चों को याद रहना चाहिए कि मैं जगतमाता विश्व के कल्याण के निमित हूँ…।

देखो बच्चे, माँ का दिल तो वैसे भी ममतामई होता है अर्थात् प्रेम, रहम और कल्याण की भावना से भरपूर होता है … वो हर हाल में अपने बच्चों का कल्याण ही करती है। 
उसकी एक-एक श्वांस में बच्चों के प्रति प्यार समाया रहता है, तो आपको यह सदा स्मृति रहनी चाहिए…।

अब आप बच्चों को इस देह के सम्बन्ध और साथ में मैं पुरूष हूँ , मैं नारी हूँ , मैं उम्र में छोटा बच्चा हूँ – यह सब भूल जाना चाहिए…। 
सभी स्वयं को आत्मा समझ, विश्व की आधारमूर्त आत्मायें समझें…।

जब आप सब हो ही आदि रत्न तो फिर क्या हुए…? 
पूर्वज हुए ना…! 
तो स्वयं को जगतमाता समझ पूरे विश्व का कल्याण करो … अर्थात् एक-एक आत्मा के प्रति आपके अन्दर कल्याण की भावना हो…।

जितना प्रेम होगा उतना रहम और कल्याण की भावना होगी। 
अब आप सब क्या हो गयें…? भारत माता सो विश्व माता…।
इसलिए गायन है वन्दे मातरम् अर्थात् भारत के कल्याण में ही विश्व का कल्याण समाया हुआ है…।

बच्चे, अब आपको सब पर रहम, प्रेम और कल्याण की भावना रखनी है। 
यह सारी दुनिया आपके बच्चे हैं। जब आप अपने को माँ समझोगे तो आपमें बेहद का प्यार, बेहद की रहम और कल्याण की भावना जागृत हो जायेगी।

बस बच्चे, अब सभी आत्माओं को रावण (विषय-विकार) की जेल से स्वतंत्र करो…। 
तुम्हारे संकल्प ही यह कार्य करेंगे, संकल्पों को अन्दर समाते चले जाओ। 
फिर एक ही संकल्प उठेगा – ‘‘परिवर्तन’’ … आप सभी का यही संकल्प विश्व का परिवर्तन कर देगा…।

अच्छा। ओम् शान्ति।

【 Peace Of Mind TV 】
Dish TV # 1087 | Tata Sky # 1065 | Airtel # 678 | Videocon # 497 |
Jio TV |

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Font Resize