BRAHMAKUMARIS DAILY MAHAVAKYA 4 FEBRUARY 2018 – Aaj Ka Purusharth

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*Om Shanti*
*04.02.2018*

★【 *आज का पुरुषार्थ* 】★

बच्चे सोचते हैं कि इतना समय हो गया…, कोई विशेष परिवर्तन तो हो नहीं रहा…!

बच्चे, बाप को तो बच्चों से भी ज्यादा जल्दी है क्योंकि बाप तो सब कुछ देख रहा है … और अब तो बाप के घर जाने का समय अर्थात् परिवर्तन का समय भी आ पहुँचा है, जोकि जय-जयकार के साथ-साथ अति दुःख का भी होगा और बाप चाहता है कि मेरे सपूत बच्चे, जिनकी पालना स्वयं बाप आकर कर रहा है, उनकी जय-जयकार हो । इसलिए बाप बच्चों को स्नेह, सहयोग और शक्ति दे रहा है, साथ ही साथ सहज से सहज रीति हिसाब-किताब भी चुक्तु करवा रहा है, ताकि बच्चे हल्के रह ऊँच पुरूषार्थ कर समय से पहले अपना ऊँचे से ऊँचा भाग्य बना अपनी मंज़िल पर पहुँचे । इसलिए बाप पर full निश्चय रखो और निश्चिन्त होकर पुरूषार्थ करो ।

*आपका हाथ स्वयं भगवान ने पकड़ा है*

शिवबाबा चाहते हैं कि बच्चे स्वयं ही अर्थात् अपने पुरूषार्थ के बल से अपने सारे हिसाब-किताब चुक्तु कर सम्पन्न बनें अन्यथा बाप तो है सर्वशक्तिवान्…, वो क्या नहीं कर सकता…!

अन्त समय में एक सेकण्ड में आत्माओं का सब कुछ परिवर्तन कर देगा अर्थात् उनका हिसाब-किताब चुक्तु करवा उन्हें यथाशक्ति तैयार करवा देगा, परन्तु वह बच्चे नम्बरवार होंगे और स्वयं ही परिवर्तन होने वाले नम्बरवन । इसलिए इस समय जो कुछ भी हो रहा है, उसे खुले दिल से स्वीकार कर बाप जैसे कह रहे हैं, वैसे करते चलो । जब बाप ज़िम्मेवार है तो बुद्धि से हल्के रहो … ज्यादा क्यों, क्या करने वाले बच्चों को queue में लगना पड़ेगा…।

परन्तु बाप चाहते हैं, मेरे V.V.I.P. बच्चे बड़े सम्मान के साथ अन्त समय अपनी seat पर आकर बैठें । इसके लिए फिर आपको पुरूषार्थ सही और सहज रीति करना है अर्थात् अपनी बुद्धि को बाप की श्रीमत से भरपूर कर, हल्के रहकर पुरूषार्थ करना है । जब आप बच्चों की बुद्धि बाप की श्रीमत से भरपूर होगी, तभी आप उमंग-उत्साह के साथ आगे बढ़ सकते हो ।

श्रीमत अर्थात् बाप की हर छोटी-बड़ी direction से बुद्धि भरपूर हो … शिव बाप को साथ रखना अर्थात् बाप से अपने दिल की हर छोटी-बड़ी बात share करना।

अच्छा । ओम् शान्ति ।

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