BRAHMAKUMARIS DAILY MAHAVAKYA 30 NOVEMBER 2018 – Aaj Ka Purusharth

To Read 29 November Shiv Baba’s Mahavakya :- Click Here

Om Shanti
30.11.2018

★【 आज का पुरूषार्थ】★

बच्चों के अंदर एक ही लगन है कि बाप जैसे कहें, वैसे करना ही है … हमें ऊँचे से ऊँचा पुरूषार्थ करना ही है और कर भी रहे हैं…।

बस, अपने पुरूषार्थ को दृढ़तापूर्वक आगे से आगे बढ़ाते रहना है…, ना ही अलबेला होना है और ना ही दिलशिकस्त और ना ही हार खानी है…।

हमेशा संकल्पों में यह ही रहे कि; ‘‘मैं एक विजयी रत्न आत्मा हूँ … मुझे special भगवान पढ़ाने के लिए आया है … मेरे से ज्यादा भाग्यवान दुनिया में कोई नहीं…!’’

ऊँच संकल्प ही ऊँच पुरूषार्थ का आधार है…।

देखो, यह मार्ग ऊँचाई का है अर्थात् चढ़ाई का है, पर यह मार्ग खुशियों, आनन्द और प्राप्तियों से भरपूर है … और बाप जब स्वयं अंगुली पकड़कर चला रहा है तो क्या मुश्किल है…? 
बस, बाप की समझानी को साथ रख चलते चलो…।

दूसरी तरफ; 
जो दुनिया में जाने का रास्ता है, वो नीचे की ओर ले जाने का है … अर्थात् देखने में आकर्षक लगता है, परन्तु वो रास्ता दुःखों से, काँटों से भरपूर है…। उस रास्ते में जाना अर्थात् दुःखों को, मुश्किलों को, आमंत्रित करना है … और साथ ही साथ कल्प-कल्प के लिए अपने भाग्य को ठोकर मार देना है…।

दुनियावी मार्ग इस समय सभी को अपनी ओर खींच रहा है … और इस समय जो बच्चा माइनर-सा, अपनी मन-बुद्धि इस जड़जड़ीभूत दुनिया में फँसायेगा, वो तो बुरी तरह ही फँस जाएगा…, फिर उससे निकलना नामुमकिन है…!

इसलिए स्वयं ही स्वयं की संभाल कर अपना तन, मन, धन, जन, बुद्धि, कमी, कमज़ोरी … अर्थात् संकल्पों सहित बाप को समर्पण हो जाओ…, फिर ही बाप आप बच्चों का ज़िम्मेवार बन, आपकी सूक्ष्म और स्थूल इच्छाओं को पूर्ण कर, आपको अपनी मंज़िल तक पहुँचा देगा…, परन्तु पुरूषार्थ धैर्यतापूर्वक करना है।

बस, बाप (परमात्मा शिव) के संग चलते चलो … फिर पहुँचे कि पहुँचे…।

अच्छा। ओम् शान्ति।

【 Peace Of Mind TV 】
Dish TV # 1087 | Tata Sky # 1065 | Airtel # 678 | Videocon # 497 |
Jio TV |

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Font Resize