BRAHMAKUMARIS DAILY MAHAVAKYA 28 JULY 2018 – Aaj Ka Purusharth

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Om Shanti
28.07.2018

★【 आज का पुरूषार्थ】★

बाबा ने कहा… 
बच्चे, आप भगवान बाप के विशेष बच्चे हो … जिन्हें स्वयं भगवान पढ़ा विश्व के आगे प्रत्यक्ष करेगा…। 
इसलिए आप सभी बच्चे अपना उमंग-उत्साह बढ़ाकर जाये … सभी एक-दूसरे के साथ बहुत स्नेह के साथ रहें … और full सहयोग दें … बस अपने बोल पर विशेष attention रखना…।

हर आत्मा के संस्कार अपने-अपने है और इन्हें परिवर्तन करना बाप (परमात्मा पिता) का कार्य है…। यदि कुछ समझानी देनी है तो उसे personally बहुत स्नेह के साथ दे, ताकि वो आगे से आगे बढ़े…।

फिर बाबा ने कहा… 
देखो बच्चे, बाप एक ऐसा sample तैयार कर रहा है जोकि पूरे विश्व में बड़े सम्मान के साथ दिखायेगा कि जो कार्य आप विश्व की जानी-मानी आत्मायें इन पाँच तत्वों के बीच रहते असम्भव समझते थे, वो कार्य अर्थात् बाप-समान बनने का कार्य मेरे इन बच्चों ने कर दिखाया…!

इसमें थोड़ा समय तो लगता ही है, क्योंकि इस समय आप बच्चों के संस्कार इतनी गुह्य रीति से परिवर्तन होते है और उसकी जड़ भी इतनी गहराई तक डाल दी जाती है … जो विशेष संस्कार पूरे कल्प तक चलते हैं … चाहे उनकी percentage कम हो जाती है, परन्तु अभी तक अर्थात् कल्प के अन्त तक प्रत्यक्ष आप बच्चों में वो संस्कार नज़र आते है।

देखो बच्चों, अभी तक आप बच्चों के अंदर सच्चाई, सफाई, दया और क्षमा की भावना है, जो केवल प्रेम से ही आती है…। 
तो बताओ, इतनी सच्चाई का संस्कार डालने में समय तो लगेगा ना…!

देखो, सबसे बहुमूल्य, सबसे खूबसूरत जो दुनिया में numberone हो … ऐसी मूर्ति को तैयार करने के लिए पहले सोने को अच्छी तरह से तपाना पड़ता है … फिर कितनी ही बार polish करनी पड़ती है … फिर बहुत बारीकी से सजावट करनी पड़ती है और आप सोचते हो कुछ हो क्यों नहीं रहा…!

देखो, बहुत कुछ हो चुका है परन्तु जब तक मूर्ति पूरी रीति तैयार नहीं होती, तब तक उसे प्रत्यक्ष नहीं किया जाता…। 
बस wait and watch करो…। फिर देखना बाप की कमाल और दुनिया वालों की वाह वाह…!

जिसमें आप बच्चों के निश्चय और धैर्यता के गुण प्रत्यक्ष दिखेंगे और वो सोचेंगे … यह हम कभी भी नहीं कर सकते थे…।

अच्छा। ओम् शान्ति।

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