BRAHMAKUMARIS DAILY MAHAVAKYA 28 DECEMBER 2018 – Aaj Ka Purusharth

To Read 27 December Shiv Baba’s Mahavakya :- Click Here

Om Shanti
28.12.2018

★【 आज का पुरूषार्थ】★

बाबा कहते हैं … बच्चे, क्या आप अपनी silence power को जानते हो…?

यह इस पाँच तत्वों की बनी दुनिया कि सबसे बड़ी शक्ति है…। इस शक्ति के द्वारा ही सारे विश्व पर विजय प्राप्त की जा सकती है…।

तो अब आप स्वयं को check करो कि मेरे अन्दर शान्ति का गुण कितने percent आया है…?

जो आत्मा शान्त स्वरूप स्थिति में स्थित होगी उसे किसी भी प्रकार की हलचल … चाहे तन, चाहे मन, धन, जन की हो … वो अपने शान्त स्वरूप के आसन से नहीं उतरते…!

बाहरी हलचल उन्हें हिला नहीं सकती … वो हमेशा एकरस, अचल-अडोल होगी…।

अब समय प्रमाण अपने इस गुण को अपनी दिनचर्या में use कर, इसे बढ़ाते चलो…।

बार-बार अपनी checking करो और अपने original गुण को धारण कर अपनी seat पर set हो जाओ।

यदि किसी कारणवश अर्थात् अपने ही स्वभाव-संस्कार के वश भी कुछ गलत कर देते हो … तो ना तो दिलशिकस्त हो और ना ही अपना समय गँवा, जल्दी ही अपने original गुण को धारण कर अपनी seat पर set हो जाओ।

इसके लिए स्वयं से ही बातचीत करते रहो अर्थात् स्वयं को समझानी देते रहो … और अब आपको यह ज्ञान भी हो चुका है कि अब समय प्रमाण स्वयं को स्व-स्थिति में स्थित करना अति आवश्यक है अर्थात् यही समय की मांग है … तो मैं अपनी बुद्धि को कहीं और क्यों लगाऊँ…?

और अब तो बाप का वैसे भी full सहयोग है, बस 100% निश्चय रख आगे बढ़ो।

यदि क्या, क्यों में आये तो समय व्यर्थ चला जायेगा और दोबारा अपनी seat पर set होने में भी time waste होता है…।

इसलिए पहले से ही 100% knowledgeful हो अपनी बुद्धि को order प्रमाण चलाओ…।

अब वो समय आ चुका है कि सभी आत्माओं को घर (परमधाम) भेजना है।

इसलिए सभी को शान्ति की शक्ति दे, सभी को शान्त करना पड़ेगा … और यह कार्य वो ही आत्मा कर सकती है जो अभी से 100% शान्त स्थिति में स्थित रहने का पुरूषार्थ करेगी।

फिर जल्दी ही आपके शान्ति के vibrations, full speed से चारों ओर फैलेंगे, जोकि दूर-दूर तक आत्माओं को अनुभव होंगे…।

इसलिए अब अन्तर्मुखता की अति आवश्यकता है…।

शान्ति ही सब शक्तियों की जननी है … इसी शक्ति से हम सिद्धि स्वरूप बन पायेंगे…।

अच्छा। ओम् शान्ति।

【 Peace Of Mind TV 】
Dish TV # 1087 | Tata Sky # 1065 | Airtel # 678 | Videocon # 497 |
Jio TV |

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Font Resize