BRAHMAKUMARIS DAILY MAHAVAKYA 24 OCTOBER 2018 – Aaj Ka Purusharth

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Om Shanti
24.10.2018

★【 आज का पुरूषार्थ】★

बच्चे, यदि विजय माला में आना है तो स्वयं को विजयी रत्न बनाना पड़ेगा अर्थात् अपने अमृतवेले से रात तक की दिनचर्या में सम्पूर्ण विजयी … चाहे paper तन, मन, धन, बुद्धि, सम्बन्ध, सम्पर्क, स्वभाव, संस्कार, कमी, कमज़ोरी अर्थात् कोई बड़े से बड़ा हिमालय जैसा paper भी हो, तो उसमें भी विजयी…।

अभी के विजयी बनने का संस्कार, आपको विजयी बना देगा…।

इसलिए स्वयं ही स्वयं की result check करो कि; मैं कितने percent विजयी बना हूँ…?

अभी तो बाप (परमात्मा पिता) का सहयोग है, फिर भी हारते रहोगे, तो फिर कब विजयी बनोगे…! आगे चलकर तो परिस्थितियां बढ़नी ही है।

इसलिए अभी से स्वयं पर full attention रख स्वयं को परिवर्तन करो…।

बाप की हर श्रीमत को महीनता से समझ follow करो … daily अपना chart देखो और पहले दिन से compare करो।

यदि विजय माला का दाना बनना है तो सभी क्या, क्यों, ऐसे, वैसे को छोड़ विजयी बनने के संस्कार बनाने पड़ेगे…।

देखो, यदि कोई paper बड़े रूप में आता है और आप समझते हो कि इसमें मेरी हार हो गई या उस paper को cross करने में संकल्प और समय लगा…, तो फिर से हिम्मत और दृढ़तापूर्वक पुरूषार्थ में लग जाओ और सोचो मैं एक विजयी रत्न हूँ…, कल्प-कल्प का विजयी हूँ…, सर्वशक्तिवान् मेरे साथ है, तो आगे मेरी विजय अवश्य होगी … attention दे, हिम्मत रख, दृढ़ता और हल्के रह स्वयं को विजयी बनाओ…।

यदि हार जाते हो तो फिर power भरो, लेकिन दिलशिकस्त नहीं होना, दिलशिकस्त होना अर्थात् हमेशा की हार…। 
इसलिए दृढ़तापूर्वक आगे बढ़ो…।

अपने स्वमान को अपने साथ रखो। गुणों और शक्तियों को use करो … बाबा आपके साथ है…, हर समय आपको सहयोग दे रहा है, पर कर्मभोग और हिसाब-किताब आपके हैं, जो आपको ही चुक्तु करने हैं … यदि हिम्मत रख, बाप की श्रीमत प्रमाण चलोगे तो बाप का भी full सहयोग ले पाओगे…।

अच्छा। ओम् शान्ति।

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