BRAHMAKUMARIS DAILY MAHAVAKYA 24 FEBRUARY 2018 – Aaj Ka Purusharth

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*Om Shanti*
*24.02.2018*

★【 *आज का पुरुषार्थ*】★

बच्चे, अब आपके अन्दर केवल एक ही संकल्प होना चाहिए कि मुझे बाप-समान बन विश्व-परिवर्तन का कार्य करना है और बाप को पूरे विश्व के आगे प्रत्यक्ष करना है।

देखो, यह जो समय जा रहा है यह केवल कमाई का है, इसलिए अपने हर संकल्प पर attention दो और संकल्पों की speed को कम करते जाओ, क्योंकि समय बिल्कुल थोड़े का भी थोड़ा रह गया है।

यह मत सोचो की अभी कुछ ऐसा तो दिख नहीं रहा है…!

परिवर्तन एक झटके से होगा … परिवर्तन में सालों साल नहीं लगेंगे…।

देखो, बाबा प्यार और रहम का सागर है और सभी आत्माओं का बाप भी, इसलिए लम्बा समय बच्चों को दुःख में नहीं देख नहीं सकता।

इसलिए यह कार्य अचानक और आश्चर्यजनक ढंग से होगा परन्तु आत्माओं को यह समय बहुत लम्बा अनुभव होगा क्योंकि दुःख का थोड़ा समय भी बहुत लम्बा अनुभव होता है।

समय रूका ही हुआ है केवल 108 रत्नों की माला के लिए…। जैसे ही विजयी रत्न अपनी seat पर set होंगे, वैसे ही कार्य शुरू हो जायेगा।

और जो बच्चे समय को देख पुरूषार्थ कर रहे है, उनका number उतना ही पीछे होता जा रहा है।

यह बाप की warning समझो या समझानी समझो, पर अभी-अभी कर लो अर्थात् अपनी मन-बुद्धि को इस दुनिया से बाहर निकालो अन्यथा तो आप बच्चे समझदार हो…, अन्तिम घड़ी कैसी होगी…। 
जैसे कहते है ना, छोड़ो तो छूटे अर्थात् अपनी मन-बुद्धि को पुरानी दुनिया से निकालो तो आगे का कार्य अर्थात् आपको और आपके सम्बन्ध-सम्पर्क में आने वाली आत्माओं को सम्पन्न बना घर ले जाने का कार्य बाप स्वयं कर देंगे।

परन्तु इतना तो आपको ही करना पड़ेगा…। यह बाप नहीं करेंगा…। 
इसके लिए बाबा ने आपको कई युक्तियां बताई है। बस, उसे अमल में लाओ।

कहने से या सोचने से नहीं होगा, करने से होगा। इसलिए बाप की हर direction पर attention दो और उसे practical में अनुभव करो और check करो कि मैं कितना percent विजयी बना हूँ…? Check के साथ change ज़रूरी है।

सोचो तो सही बाप आप बच्चों के साथ practical में है, तो आप नहीं करोंगे तो कौन करेगा…? 
बाप की पालना का return दो।

अच्छा। ओम शांति।

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