BRAHMAKUMARIS DAILY MAHAVAKYA 21 SEPTEMBER 2018 – Aaj Ka Purusharth

To Read 20 September Shiv Baba’s Mahavakya :- Click Here

Om Shanti
21.09.2018

★【 आज का पुरूषार्थ】★

बाबा ने कहा… 
बच्चे, अभी आप बच्चों की बाप-समान स्थिति नहीं है, परन्तु आप बच्चों ने स्वयं पर attention रख स्वयं को काफी ऊँचा तो किया है, पर बाप-समान स्थिति तो बिल्कुल निश्चिन्त स्थिति है…।
हर हाल में, हर पल खुश और बेफिक्र…।

आप बच्चों को संकल्पों से इस स्थिति में स्थित होना ही पड़ेगा, तब ही आपकी शक्तियाँ आपमें आयेगी…।

जैसे किसी भी post पर बैठने के बाद ही वो आत्मा उन शक्तियों को use कर सकती है, इसी तरह जब आप संकल्पों द्वारा इस तमोप्रधान दुनिया से न्यारे हो जाओगे, तब ही आपका परिवर्तन होगा।

जैसे किसी को 100% surety हो कि मेरी ही जीत होगी, तो उस समय वो पूरी खुशी और जश्न के साथ result की इंतज़ार में होता है…, इसी तरह जब आप बाप-समान स्थिति में स्थित हो जाओगे तो संकल्पों द्वारा अचल-अडोल स्थिति में स्थित हो अपनी सम्पन्नता को प्राप्त करोगे।

देखो, बाबा ने आते ही आप बच्चों की स्थूल दिनचर्या को परिवर्तन किया अर्थात् बाप ने कहा कि वो ही कार्य करो जो ज़रूरी है और सारे कार्य बाप को समर्पण कर दो…।

और अब जबकि वो समय आ गया है जबकि मन को अमन करना है अर्थात् मन में वो ही संकल्प उत्पन्न हों जो मुझे खुशी दे, उमंग-उत्साह में लायें और इस दुनिया से न्यारा करें…।

देखो, जब कुछ है ही नहीं और सब कुछ और सब कोई अच्छे हैं, तो किसी के बारे में सोचना, बोलना या समझानी देने की आवश्यकता ही नहीं है … और यह संकल्प आपकी स्थिति को उपराम होने नहीं देता…।

बस बच्चे, बहुत धैर्यता के साथ अपने संकल्पों पर attention दो … भारी नहीं होना है, परन्तु दृढ़तापूर्वक attention देना भी है, क्योंकि इसके result बहुत, बहुत, बहुत आनन्द देने वाले होंगे…।

क्योंकि आपके मन के अमन होने पर ही आपकी शक्तियाँ आपमें आयेंगी और वो full speed से परिवर्तन का कार्य शुरू कर देंगी।

थोड़ा-सा ही attention देने पर ही यह कार्य बहुत ही सहज रीति सम्पन्न हो जायेगा, क्योंकि इस समय आपका मन भी वो ही चाहता है जो आपका लक्ष्य है…।

अच्छा। ओम् शान्ति।

【 Peace Of Mind TV 】
Dish TV # 1087 | Tata Sky # 1065 | Airtel # 678 | Videocon # 497 |
Jio TV |

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *