BRAHMAKUMARIS DAILY MAHAVAKYA 21 OCTOBER 2018 – Aaj Ka Purusharth

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Om Shanti
21.10.2018

★【 आज का पुरूषार्थ】★

बच्चे, आप अपने संकल्पों की शक्ति को जानते हो क्या…?

संकल्प शक्ति के आधार पर ही आप pass with honour, first division या नम्बरवार बनते हो।
इसलिए संकल्प शक्ति को जान उसे सही रीति बाप की श्रीमत् प्रमाण use करो…।

जो बच्चा अमृतवेले से रात तक अपनी मन-बुद्धि को बाप की श्रीमत प्रमाण अर्थात् स्वयं को ऊँच स्वमान की स्थिति में स्थित कर बाप (परमात्मा पिता) को संग रख चलता है अर्थात् अपने ऊपर full attention रख पुरूषार्थ कर रहा है, तो बाप भी उसका full ज़िम्मेवार है। 
इसलिए बाप की इस श्रीमत को महीनता से समझो…।

देखो बच्चे, आप यात्रा पर हो तो आपको स्वयं के रास्ते की हर side scene से मुक्त हो आगे बढ़ना है…।

रास्ते में रूकावट आयेगी अर्थात् drama के scene change होंगे … कभी यह आपके according चलेंगे और कभी आपके past के कर्मों के according…!

तो उन scenes को देख हलचल में मत आओ … क्या, क्यों के question में मत फँसो और ना ही यह सोचो कि बाप ही कुछ करें…!

यह कम बात है क्या … बाप स्वयं आकर आपको पढ़ा भी रहा है और परिस्थिति से बाहर निकलने की युक्ति भी बता रहा है…! 
इसलिए इन युक्तियों को use कर परिस्थितियों से मुक्त बनो…।

यदि परिस्थितियों में ही अपने संकल्पों को उलझा दोगे, तो ना ही अपने स्वमान में स्थित हो पाओगे और ना ही बाप को संग रख पाओगे…!

इसलिए drama की हर scene को accept करो।
बाबा बार-बार कहता है हल्के रहो … परन्तु जब कुछ भी आपके according नहीं होता है तो आप संकल्पों द्वारा भारी हो जाते हो, फिर ना चाहते हुए भी उन संकल्पों में फँस जाते हो…!

फिर स्वयं ही सोचो ऐसे मंज़िल तक कैसे पहुँच पाओगे…?

बाबा जबकि कह रहा है कि अपनी problem मुझे दे दो, हल्के रह पुरूषार्थ करो, तो करना तो आपको ही है ना…!

बाबा जानता है मन-बुद्धि, संस्कारों वश भागती है, यदि आप attention नहीं दोगे और अलबेले रहोगे, तो वो तुम्हारे संस्कार और भी शक्तिशाली हो जायेंगे…।

इसलिए स्वयं को भिन्न-भिन्न ऊँच स्वमान दो – ‘‘आप मास्टर सर्वशक्तिवान् हो … सर्वशक्तिवान् बाप आपके साथ है’’ … यह सोचते ही समस्यायें कमज़ोर हो जायेगी…।

देखो, बाप की मदद भी आपको तभी मिलेगी, जब आप दृढ़तापूर्वक हिम्मत रख बाप की हर श्रीमत की पालना करोगे…।

63 जन्म के तन, मन, धन, सम्बन्ध, सम्पर्क … हर तरह के हिसाब-किताब हैं, जो आपने अपने लिए स्वयं ही बनाये हैं तो चुक्तु भी आपको ही करने पड़ेगे…!

अभी तो आपको बाप का पूरा-पूरा सहयोग है … बाबा सहयोग के साथ शक्ति भी भर रहा है, ताकि आप सहज रीति अपना हिसाब-किताब चुक्तु कर अपनी प्रालब्ध भी ऊँच बना पाओ, परन्तु बाप की मदद का पात्र आपको स्वयं ही बनना पड़ेगा…।

महीनता से बाप की हर श्रीमत समझ आगे बढ़ो…।

• बाप पर निश्चय अर्थात् बाप की हर श्रीमत पर निश्चय…
• Drama पर निश्चय अर्थात् drama में हर रोज़ की दिनचर्या में आने वाले हर scene पर निश्चय…
• स्वयं पर निश्चय अर्थात् अपने part पर निश्चय… 
• परिवार पर निश्चय अर्थात् परिवार की हर आत्मा के act पर निश्चय…

यह निश्चय ही आगे बढ़ने का साधन है…।

अच्छा। ओम् शान्ति।

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