Brahmakumaris Daily Mahavakya 2 October 2017

To Read 1 October Mahavakya :- Click Here

*Om Shanti*
*02.10.2017*

जो बच्चे, जबसे बाबा पढ़ाने आया है, तबसे ऊँचे स्वमान में स्थित होने का पुरूषार्थ कर रहे हैं अर्थात् स्वयं पर attention रख स्वयं को realise कर रहे हैं, उन आत्माओं को अब धीरे-धीरे चारों तरफ से सम्मान मिलना शुरू हो जायेगा। सभी आत्मायें उन्हें ऊँची दृष्टि से देखेंगी।

बच्चे, स्वयं को अब बाप का सबसे बहुमूल्य हीरा समझो। सोचो कि मेरी चमक से ही यह विश्व रोशन होगा। जितना-जितना आप यह realise करते जाओंगे, तो आपकी चमक बढ़ती जायेंगी और सभी का attention आप की तरफ जायेगा। वह आत्मायें महसूस करेगी कि यह आत्मायें हमसे अलग है अर्थात् विशेष आत्मायें है और वह आप सबको ऊँची दृष्टि से देखेंगी। 
और फिर यह ऊँची दृष्टि आपकी जयजयकार में परिवर्तन हो जायेगी।

बच्चे, केवल योग से ही नहीं बल्कि आपको चलते-फिरते, कर्म करते अपने ऊँच स्वमान में स्थित होने का पुरूषार्थ बढ़ाना है। हर पल स्वयं पर attention रखना है। चाहे कर्म साधारण हो परन्तु आपकी स्थिति ऊँची होनी चाहिए। इसलिए अब विशेष स्वयं के ऊँचे स्वमान पर attention रखना है, जितना आप स्वयं पर attention रखोगे, उतनी जल्दी आप विश्व के आगे प्रत्यक्ष होगे। और दूसरा आपसे निकलती powerful vibrations वातावरण और आत्माओं को परिवर्तन कर देगी, तब ही तो विश्व का परिवर्तन होगा।

बस, अब आप अपने original स्वरूप को, भिन्न-भिन्न ऊँचे स्वमान को realise करो। ऊँचे स्वमान के अभ्यास से ही आप सर्वगुण सम्पन्न बन जाओगे।

बच्चे, जो बहुमूल्य चीज़ होती है वह दूर से ही सबको आकर्षित करती है और आप बच्चे तो बाप के अर्थात् इस दुनिया के रचयिता परमपिता परमात्मा के दिलतख्तनशीन बच्चे हो, तो बताओ आपका आकर्षण अन्य आत्माओं को कैसे ना होगा…!
बस आप भी बाप को अपने दिल में बसा लो।

अच्छा । ओम् शान्ति ।

【 *Peace Of Mind TV* 】
Tata Sky # 1065 | Airtel # 678 | Videocon # 497 | Reliance # 640 | 
Jio TV |

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Font Resize