BRAHMAKUMARIS DAILY MAHAVAKYA 2 NOVEMBER 2018 – Aaj Ka Purusharth

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Om Shanti
02.11.2018

★【 आज का पुरूषार्थ】★

बाबा ने कहा … बच्चे, धीरे-धीरे चारों तरफ से खिंचावट बढ़ेगी क्योंकि तमोप्रधानता दिनों-दिन बहुत speed से बढ़ रही है, आत्माएं ना चाहते हुए भी परवश होती जा रही है।

प्रकृति के पाँचों तत्व, पाँचों विकारों के साथ अलबेलापन, आलस्य, दिखावा, competition एक तूफान की तरह आगे से आगे बढ़ रहा है … जिसकी लपेट में सभी आत्माएं आ रही है, चाहे लौकिक, चाहे अलौकिक…।

इसलिए बाबा बार-बार कह रहा है कि … बच्चे, जल्दी करो समय व्यर्थ मत करो…।

बाप (परमात्मा शिव) ने समय से पहले अपने सच्चे दिल वाले, सच्ची लग्न वाले बच्चों को पढ़ाना शुरू कर दिया है … ताकि बच्चे इस जल्दी ही आने वाले तूफानों से बच अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकें…।

देखो बच्चे, बाप ने तो आप बच्चों को नयनों में बसाया हुआ है, परन्तु drama के नियम प्रमाण चलना तो आपको ही पड़ेगा…।

बस अपने लक्ष्य को अर्थात् अपने सम्पूर्ण फरिश्ता स्वरूप जोकि गुणों और शक्तियों की dress में हैं, अपने नयनों में बसाना पड़ेगा…।

जैसे अर्जुन की आँख केवल अपने लक्ष्य की तरफ थी…, यदि नज़र इधर-उधर गई तो समय पर अपनी मंज़िल पर नहीं पहुँच पाओगे…!

आप अपने hero part के महत्व को समझ जल्दी ही आने वाली प्राप्तियों को स्मृति में रख पुरूषार्थ करो।

अभी आप बच्चों को बाप का full सहयोग है, इसलिए अपना full attention दो…।

देखो बच्चे, इस दुनिया की किसी भी चीज़ चाहे वो तन है, सम्बन्ध, सम्पर्क, वस्तु, वैभव जो भी कुछ है, इनसे वैराग्य लाओ … यह सब विनाशी है…। 
अगर उधर attention गया तो वो आपको भी अपनी तरफ खींच लेंगे …!

इसलिए, पहले हर चीज़ से न्यारे बन अर्थात् अपनी स्व-स्थिति में स्थित हो, फिर प्यारे बनना है।

जैसे-जैसे आपमें शक्तियां बढ़ती जाएगी तो सभी चीज़ें आपके अधीन होती जायेंगी और आप अधिकारी बन उन्हें use करोगे…।

बाबा तो चाहते हैं कि अपने प्यारे-प्यारे बच्चों को गोदी में बिठा उस पार ले जाएं, पर बाप भी drama के बंधन में है … इसलिए चलना आपको ही पड़ेगा … बस attention दे, हिम्मत और दृढ़ता रख पुरूषार्थ करो … मंज़िल सामने ही है…।

अच्छा। ओम् शान्ति।

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