BRAHMAKUMARIS DAILY MAHAVAKYA 16 DECEMBER 2018 – Aaj Ka Purusharth

To Read 15 December Shiv Baba’s Mahavakya :- Click Here

Om Shanti
16.12.2018

★【 आज का पुरूषार्थ】★

बाबा कहते हैं … बच्चे, स्वयं के part से, अन्य आत्माओं के part से और पाँच तत्वों के बने इस संसार से साक्षी हो इस खेल को देखो, फिर आपकी स्थिति अचल-अडोल हो जायेगी…।

बार-बार स्वयं को इस देह से न्यारा समझ बाप के संग बैठ जाओ। 
किसी भी बात में मूँझों मत, क्योंकि यह जो बिल्कुल अन्तिम समय जा रहा है, वो हलचल से भरपूर है, क्योंकि हर चीज़ अति में जा रही है, विदाई लेने के लिए…।

इसलिए, अपने कमज़ोर संस्कारों से भी 100% साक्षी हो जाओ और अपनी यात्रा में तत्पर रहो।

मन को बार-बार पकड़कर बाप के पास ले जाओ…, यही अभ्यास आपको बाप-समान बना देगा।

देखो, इस यात्रा में ना तो अलबेला बनना है, ना ही थकना है और ना ही bore होना है – यह तीनों ही कमज़ोरी आपको बाप से detach कर देती है, इससे माया को भी chance मिल जाता है।

इसलिए बहुत careful होकर पुरूषार्थ करना है। हमेशा उमंग-उत्साह में रहो। अपने लक्ष्य और अपनी प्राप्तियों के स्मृति स्वरूप रहो।

देखो, इस दुनिया में सभी आत्मायें भगवान को पाने की, मिलने की इच्छा में लगे हुए है … परन्तु भगवान, बाप बन आप प्यारे-प्यारे, मीठे-मीठे बच्चों के पास आ गया। 
इतने बड़े अपने भाग्य को भूलो मत…।
लक्ष्य को भी याद रखो क्योंकि अब तो संगमयुग का हीरे तुल्य समय भी आया कि आया … इसलिए पूरे उमंग-उत्साह में रहना…।

बाप आप बच्चों के संग है, और है भी क्या, अपने original स्वरूप को, बाप (निराकार शिव) को और अपने कर्तव्य को स्मृति में रखने का पुरूषार्थ ही तो करना है…!

बस यही पुरूषार्थ आप बच्चों को बाप-समान बना देगा और यही आपकी कल्प-कल्प की बाज़ी बन जायेगी।

खुशी में रहते हो तो हल्के रहते हो और ज्यादा सोचने से, क्या-क्यों के question करने से आप भारी हो जाते हो … जिससे मंज़िल दूर दिखने लग जाती है…! इसलिए स्वयं को खुश रखो,
उमंग-उत्साह में रहो, हल्के रहो फिर मंज़िल पर भी पहुँचे कि पहुँचे…।

अच्छा। ओम् शान्ति।

【 Peace Of Mind TV 】
Dish TV # 1087 | Tata Sky # 1065 | Airtel # 678 | Videocon # 497 |
Jio TV |

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Font Resize