BRAHMAKUMARIS DAILY MAHAVAKYA 13 OCTOBER 2018 – Aaj Ka Purusharth

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Om Shanti
13.10.2018

★【 आज का पुरूषार्थ】★

बच्चे, समय के महत्व को समझते हो क्या..? यह समय कौन-सा जा रहा है…?

अन्त का भी अन्त अर्थात् last घड़ियाँ जा रही हैं। यह समय आपको फिर कभी नहीं मिलेगा अर्थात् इस कल्प में जैसा पुरूषार्थ किया वैसा ही हर कल्प कर पाओगे…।

देखो, बाबा बार-बार कह रहा है – attention … attention … attention … पर आप बच्चे अलबेलेपन में समय और संकल्प व्यर्थ से व्यर्थ वा साधारण रीति use कर रहे हो।

बताओ, यदि आप इस तरह करते रहे तो बाबा भी क्या करेगा…?

बाबा तो आप बच्चों को विशेष पालना भी दे रहा है, स्नेह भी, सहयोग भी और शक्ति भी दे रहा है … परन्तु पुरूषार्थ तो आप बच्चों को ही करना है। 
इसलिए attention please…!

अपने अभ्यास को बढ़ाओ … एक-एक second की value को समझकर अपना संकल्प वा समय समर्थ करो…। 
आज का समय साधारण वा व्यर्थ के लिए नहीं है…।

आपने अपनी checking की, कि कितनी उन्नति की है या फिर अभी भी माया के साथ खेलते रहते हो…? 
नहीं बच्चे नहीं…, अभी वह समय नहीं है…!

अभी तो बाबा आप बच्चों को बहुत प्यार से चला रहा है, यदि अभी भी आप attention नहीं दोगे तो बाबा भी साक्षी हो जायेगा। 
इसलिए, अब जल्दी करो…।

गृहस्थ व्यवहार में प्रेम-पूर्वक चलते रहो परन्तु न्यारेपन का अभ्यास करो। आप सागर के बच्चे हो, स्थूल सागर भी अपने में बड़े-से-बड़े स्टीमर को समा लेता है, तो क्या आप अपने संकल्पों को समाकर बीज-रूप स्थिति में स्थित नहीं हो सकते…?

अपने अभ्यास को बढ़ाओ, उमंग-उत्साह से आगे बढ़ो…। 
सोचो तो सही आपका साथ निभाने के लिए कौन आया है…?

पूरा कल्प सब कुछ मिलेगा परन्तु स्वयं परमात्मा, जो हर सम्बन्ध से आपके साथ है, वो नहीं मिलेगा…! 
इसलिए बाबा को हर पल अपने साथ रख बार-बार अपने original स्वरूप को, अपने गुणों को और शक्तियों को emerge करो और जल्द ही अपने सम्पूर्ण स्व-परिवर्तन से विश्व-परिवर्तन करो…।

देखो, paper के समय में attention और अभ्यास को और अधिक बढ़ाया जाता है, अलबेलेपन में समय को व्यर्थ नहीं गँवाया जाता…।

इसलिए अब सदैव attention रख अपनी seat पर set रहो…।

अच्छा। ओम् शान्ति।

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