BRAHMAKUMARIS DAILY MAHAVAKYA 12 MAY 2018 – Aaj Ka Purusharth

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Om Shanti
12.05.2018

★【 आज का पुरुषार्थ 】★

बच्चे, यह drama बहुत lawful बना हुआ है। 
इसमें first number से last number की आत्मा के लिए same law है। बस, सभी आत्मायें अपनी-अपनी शक्ति अनुसार अपना part play करती हैं और उसी according परमधाम में भी अपनी-अपनी seat ग्रहण करती है। 
इसी कारण सभी आत्मायें अन्त के समय खुश और सन्तुष्ट हो घर (परमधाम) जाती है।

बस बाप (परमात्मा शिव) का काम तो सभी आत्माओं का कल्याण करना है अर्थात् उनके दुःख हर उन्हें शान्ति और सुख देना है।

देखो, जैसे स्थूल में भी bulb होते हैं, उनकी अपनी-अपनी voltage होती है, उनका connection एक ही powerhouse से होने के बावजूद light वो अपनी power के according फैलाते है, इसी तरह जितनी powerful आत्मा अर्थात् जितनी light है उतनी ज्यादा power वो बाप से खींचती है।

बच्चे, जितना आपके संकल्पों में विश्व-कल्याण का कार्य समाया रहेगा, उतना ही आप बाप के समीप बैठ विश्व-कल्याण का कार्य कर पाओगे। 
बस इसके लिए स्वयं को ज़िम्मेवार आत्मा समझो।

देखो, स्थूल में भी जिस कार्य की ज़िम्मेवारी समझते हो उसके लिए दिन-रात एक कर देते हो। 
बच्चे, जिस चीज़ को भी आप दिल से accept कर लेते हो, उसे धारण करना सहज होता है और छोड़ना मुश्किल…।

इसी तरह जब आप अपनी वा दूसरों की कमज़ोरी accept करते हो अर्थात् सोचते हो कि मेरा सोचना ठीक ही है … इसके ऐसे करने पर ऐसा बोलना ठीक ही है … तो फिर उस अवगुण का निकलना मुश्किल हो जाता है। इसलिए स्वमान की seat पर set हो यह सोचो की मुझे क्या सोचना है, क्या बोलना है और क्या करना है क्योंकि दिल से किये गये कार्य में सफलता ना मिले, यह असम्भव है…। 
हो सकता है result में थोड़ा समय लगे परन्तु result powerful ही मिलेगा…।

बस आप बाप की श्रीमत को दिल से accept कर चलते चलो। इसके बीच कोई question mark नहीं…, बस बिन्दु…। 
फिर तो झट से ही आप बाप-समान बन जाओगे।

अच्छा । ओम् शान्ति ।

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