BRAHMAKUMARIS DAILY MAHAVAKYA 12 MARCH 2018 – Aaj Ka Purusharth

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*Om Shanti*
*12.03.2018*

★【 *आज का पुरुषार्थ*】★

बाबा ने देखा कि बच्चों का स्वयं प्रति attention बढ़ा है और स्व-परिवर्तन की percentage भी बढ़ी है, परन्तु अभी भी बच्चे बीच-बीच में मूँझ जाते हैं और सोचते हैं, सारा दिन योग थोड़े ना ही लग सकता है…!

बच्चे, कौन कहता है सारा दिन योग लगाओ…? बाप तो केवल यही कहता है बच्चे ,परमात्मा से सर्व सम्बन्धों के सुख का अनुभव करो। समीप सम्बन्ध को निभाने में सोचना नहीं पड़ता कि कैसे निभाएं…?

इस दुनिया में तो सभी सम्बन्ध स्वार्थ वश है, चाहे तो एक percent, चाहे तो 100 percent … परन्तु बाप तो आप बच्चों के साथ सभी सम्बन्ध निःस्वार्थ निभाता है।

बस मन में बाबा कहा और बाबा हाज़िर…। बाप तो बच्चों के सच्चे दिल पर न्यौछावर हो जाता है। जब बच्चे सच्चे दिल से बाबा को याद करते है तो बाप भी मदद के लिए हर पल हाज़िर रहता है।

बस दिल सच्चा होना चाहिए। यह नहीं कि प्राप्तियों के समय तो सच्चा दिल हो और थोड़ी-सी भी हलचल हो तो स्थिति हलचल में आ जाए और बाप को छोड़ आत्माओं में फँस जाए…! इसे सच्चा दिल नहीं कहा जाता।

सच्चा दिल अर्थात् हर समय अर्थात् हर अच्छे और परिस्थिति वाले समय में भी बाप पर 100% निश्चय … ‘‘एक बाप दूसरा ना कोई’’ – इसे कहा जाता है सच्चा दिल।

तुम्हीं संग बैठूँ, तुम्हीं संग खाऊँ, तुम्हीं संग मिलन मनाऊँ … हर हाल में…।

आप बच्चों को बाप पर 100% निश्चय होना चाहिए कि जो कुछ भी हो रहा है उसमें केवल हमारा 100% कल्याण समाया हुआ है।

बाप हर पल हमारा सहयोगी बन हमारा साथ निभा रहा है, इतना निश्चय … इसे कहते हैं – ‘‘एक बल एक भरोसा’’।

देखो, बाबा बार-बार कह रहा है कि बाबा सहज से सहज रीति पुरूषार्थ भी करा रहा है और सहज से सहज रीति हिसाब-किताब भी चुक्तु करवा रहा है इसलिए बाप पर 100% निश्चय रख बाप जैसे कहें वैसे करते चलो।

फिर बाप आपका 100% ज़िम्मेवार है … और समय आते ही बाप आपको सम्पन्न और सम्पूर्ण बना इन तूफानों से बचा अपने संग ऊपर बिठा लेगा। बस थोड़ा-सा धैर्यता पूर्वक पुरूषार्थ करते रहो।

अच्छा। ओम शान्ति।

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