BRAHMAKUMARIS DAILY MAHAVAKYA 11 APRIL 2018 – Aaj Ka Purusharth

To Read 10 April Shiv Baba’s Mahavakya :- Click Here

Om Shanti
11.04.2018

★【 आज का पुरुषार्थ】★

बच्चे, आपने जो भी कार्य करना हो, बेफिक्र होकर करो…। 
बस आप बाप को हर पल अपने साथ रखो।

बाप अपने सपूत बच्चों को किसी भी काम की मना नहीं करता है, और बाप अपने सपूत बच्चों पर 100% निश्चय रख, उन्हें विशेष पालना दे, उन्हें पढ़ाई पढ़ाता है। क्योंकि बाप को पता है की यही मेरे विश्व-परिवर्तक बच्चे हैं…।

और जिस तरह बाप आप बच्चों पर निश्चय रख निश्चिन्त रहता है, ऐसी ही अवस्था आप बच्चों की होनी चाहिए।

देखो बच्चे, बाबा बार-बार कहता है कि इस समय drama की हर scene में आपका ही कल्याण समाया हुआ है … और जब हर बात में है ही कल्याण तो आपको असोचता और हल्का रहना चाहिए ना…!

सोचो तो सही…
इतनी ऊँची बात कौन कह रहा है…! 
स्वयं परमपिता परमात्मा … जिसे दुनिया ढूढ़ रही है और वह आपके पास आ, आपकी पालना कर आपको अपने लक्ष्य तक पहुँचाने में आपकी मदद कर रहा है, तो फिर आप भी तो निश्चय रखो ना…।

निश्चय रखने पर ही निश्चिन्त स्थिति होगी, नहीं तो मन सोच-सोच कर भारी हो जायेगा…।

लौकिक में भी जब हर कार्य ठीक रीति वा कल्याणकारी रीति से चल रहा हो तो वह जीव आत्मा खुश रहती है और कार्य को आगे बढ़ाती है, और उसे अपने हर कार्य में सफलता भी मिलती है।

और फिर यहाँ तो भगवान स्वयं आकर आप बच्चों को कह रहा है कि बच्चे निश्चिन्त रहो, आपके हर कार्य को बाप कल्याण से भर देगा, चाहे इस समय वह आपको अकल्याणकारी लग रहा हो परन्तु आप इसमें अपना 100% कल्याण समझो क्योंकि इस समय बाप (परमात्मा पिता) आपका ज़िम्मेवार बना है।

और बस आप अपना 100% attention स्वयं पर दे मंज़िल पर पहुँचों अन्यथा समय बीत जाने पर आप अपने ज़िम्मेवार स्वयं होगे…।

हल्के रह drama के हर scene को साक्षी होकर देखो, और उसे बाप को समर्पण करने का पुरूषार्थ करते रहो। 
बस इतना-सा attention रखने पर भी बाप आपको full सहयोग देगा और बहुत ही थोड़े से थोड़े समय में बाप की कमाल पर कमाल शुरू हो जायेगी…।

बस बाप की कमाल देखने के लिए निश्चिन्त अवस्था अत्याधिक ज़रूरी है…।

अच्छा । ओम् शान्ति ।

【 Peace Of Mind TV 】
Tata Sky # 1065 | Dish TV # 1087 | Airtel # 678 | Videocon # 497 |
Jio TV |

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Font Resize