BRAHMAKUMARIS DAILY MAHAVAKYA 1 FEBRUARY 2018 – Aaj Ka Purusharth

To Read 31 January Shiv Baba’s Mahavakya :- Click Here

*Om Shanti*
*01.02.2018*

★【 *आज का पुरुषार्थ* 】★

बच्चे, आप मेरे दिलरूबा बच्चे हो । दिलरूबा अर्थात् शिवबाबा को दिल में बसा लो अर्थात् बाप-समान बन जाओ । दिल अर्थात् आत्मा – तभी कहते हैं कि किसी का दिल मत दुखाओ अर्थात् किसी आत्मा को दुःखी मत करो। 
अगर दिल में एक शिव बाप को बसा लो तो आप जल्दी ही सम्पूर्ण बन जाओंगे ।

बच्चे, यही अभ्यास करते रहो कि ‘‘मैं लाइट light house-might house हूँ…, मैं अपने घर परमधाम में भी light-might बन चमक रहा हूँ…, सूक्ष्म वतन में भी मैं फरिश्ता बन light ही light … might ही might फैलाता जा रहा हूँ…।

बच्चे, अब बस यही अभ्यास करते रहो । चाहे भृकुटि के मध्य बैठ, चाहे परमधाम में, चाहे सूक्ष्म वतन में, यह light-might की powerful vibrations सब कुछ परिवर्तन कर देगी अर्थात् आपका, आपके आस-पास के वातावरण का, आपके सम्बन्ध-सम्पर्क में आने वाली आत्माओं का, पूरे विश्व का परिवर्तन…।

अब इस अभ्यास की अत्यधिक आवश्यकता है, इस अभ्यास को powerful बनाते जाओ अर्थात् निरन्तर करते जाओ और फिर बहुत थोड़े से समय में आश्चर्यजनक परिवर्तन देखोगे ।

बस, alert होकर निश्चय और नशे से करो अर्थात् शुभ संकल्पों के साथ, पूरे विश्वास के साथ करो, फिर देखो बाबा की कमाल…। बस पूरे उमंग-उत्साह में रहकर करना है । समय कम है परन्तु इस थोड़े से भी थोड़े समय में प्राप्ति बहुत ज्यादा से ज्यादा है, इसलिए अपने एक-एक second को सफल करो। बाबा आप हर एक बच्चे के साथ है ।

देखो बच्चे, अगर आपका संस्कार समय से पहले काम करने का है और कुछ आत्माओं का धीरे-धीरे करने का संस्कार है, तो आप अपनी moulding power को use करो । बच्चे, समय से पहले कार्य करना, यह आपका सात्विक संस्कार है … परन्तु साथ में धैर्यता और शान्ति को भी धारण करो । साथ ही शुभ-भावना और शुभ-कामना अर्थात् positive संकल्प रखो । कोई भी व्यर्थ संकल्प नहीं होने चाहिए । इन आत्माओं का परिवर्तन, आपके परिवर्तन पर निर्भर करता है ।

इसलिए बच्चे, हमेशा आपको अपने सम्पर्क में आने वाली आत्माओं का धन्यवाद करना चाहिए अर्थात् दुआयें देनी चाहिए क्योंकि यहीं आत्मायें आपको सम्पन्न बनाने के निमित्त बनी हुई हैं ।

अच्छा । ओम् शान्ति ।

【 *Peace Of Mind TV* 】
Tata Sky # 1065 | Airtel # 678 | Videocon # 497 | Jio TV |

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Font Resize