Brahmakumaris Daily Mahavakya 15 September 2017

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15.09.2017
Peace Of Mind TV

ओम् शान्ति।

बाबा अपने सभी बच्चों को देख रहा है कि बच्चों के अन्दर एक ही लगन है कि श्रीमत प्रमाण हम अपनी एक-एक श्वांस सफल करें, और बाबा बच्चों को देख खुश भी है। बस बच्चे इसी तरह आप अपनी लगन बढ़ाते चलो क्योंकि समय अनुसार अब रूकने का समय नहीं है। बताओ, यदि रूक जाओंगे तो समय से पहले अपनी मंज़िल पर कैसे पहुँचोगे…?

देखो बच्चे, आप बच्चों के साथ स्वयं भगवान है जिनकी पालना में तुम बच्चे पल रहे हो। इतना आप बच्चों के अन्दर इमर्ज रूप में नशा रहना चाहिए। यह नशा ही आपकी स्टेज चेन्ज कर देता है। बस उमंग-उत्साह में रह पुरूषार्थ करते चलो फिर तो हुआ ही पड़ा है। जिन बच्चों के साथ स्वयं भगवान हो उनका कोई बाल-बांका भी नहीं कर सकता…।

बस आप बच्चों का थोड़े से भी थोड़ा हिसाब-किताब रह गया है, जोकि बाबा सहज से सहज रीति चुक्तू करवा रहा है। यदि अभी भी चुक्तू नहीं हुआ तो आगे चल बहुत मुश्किल हो जायेगा। बस आप बाबा पर 100 परसेन्ट निश्चय रखो। देखो बाबा ने पहले भी बताया है कि आप बच्चे बाबा के अति प्यारे, अति लाडले बच्चे हो। फिर बताओ ऐसे लाडले बच्चों का किसी भी हाल में नुकसान हो सकता है क्या…? नहीं ना…।

जैसे लौकिक में भी बाप के सामने कोई उसके बच्चे को हाथ लगाए तो बाप को अच्छा लगेगा…? नहीं ना…।

यहाँ पर मैं भी तो आप बच्चों का बाप हूँ। आप मेरे स्पेशल बच्चे हो क्योंकि आप बच्चों के अन्दर एक ही सच्ची लगन है कि हम बाप के कहे अनुसार ही चलें। इसलिए शिव बाप भी आप बच्चों की छत्रछाया बन आपकी पालना कर रहा है। बस हल्का-सा हिसाब-किताब है, इसे सहज रीति चुक्तू कर लो। बाबा इन हिसाब-किताब को हल्के से हल्के रूप में चुक्तू करवा रहा है।

बस बच्चे करते रहना, ना थकना, ना रूकना। यदि अभी रूके तो और तूफान में कैसे आगे बढ़ पाओंगे…? इसलिए बिल्कुल हल्के रहना है। कोई भी अपना या किसी का भी संस्कार-स्वभाव आए तो उसे इग्नोर कर अर्थात् उससे साक्षी हो बाप के संग जाकर बैठ जाओ क्योंकि जितने हल्के रहोगे उतनी ही स्पीड तेज़ होगी और स्पीड तेज़ हैं तो मंज़िल तो सामने ही है।

अच्छा । ओम् शान्ति ।

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