BRAHMAKUMARIS Aaj Ka Purusharth 4 MAY 2019 – आज का पुरूषार्थ

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Om Shanti
04.05.2019

★【 आज का पुरूषार्थ】★

बाबा कहते हैं … बच्चे, भक्तों और बच्चों में difference होता है।

भक्त भी भगवान को याद करते हैं और इसके साथ छोटी-छोटी इच्छाएं रखते हैं … और वो बाप को पूरी रीति जानना भी नहीं चाहते … अर्थात् उन्होंने द्वापर से सच्ची भक्ति नहीं की होती, जिस कारण भगवान बाप भी उनकी वो ही इच्छा पूर्ण कर, उनकी भक्ति का फल उन्हें दे देता है…।

परंतु आप बच्चे, जोकि द्वापर से ही सच्ची भक्ति करते हो अर्थात् निष्काम भक्ति, जिसकी एवज में परमात्मा शिव आपको बाप रूप में मिलता है … और आपको ऐसा ज्ञान कहो, समझानी कहो देता है, जिससे आप नम्बरवार बाप-समान बन जाते हो।

बाप आपकी छोटी-छोटी इच्छाएं नहीं पूरी करता, बल्कि आपको इतना योग्य बना देता है कि आप अपने साथ-साथ सारे विश्व की आत्माओं की इच्छा को पूर्ण कर देते हो…।

यदि बाप बीच-बीच में आपकी इच्छायें पूरी करने लग जायें, तो आपकी तपस्या का फल कम हो जाता है…!

इसलिए बाबा बार-बार कहता है कि आप समर्पण हो जाओ अर्थात् इन सभी परिस्थितियों को बाप को समर्पण कर दो अर्थात् आप बेफिक्र हो जाओ … और जब आप इच्छा-मुक्त या परिस्थिति-मुक्त हो जाते हो, तो आपमें इतनी power आ जाती है कि आपके संकल्प कार्य करने लग जाते हैं अर्थात् आपके powerful vibrations आपके आस-पास, आपके अनुकूल वातावरण बना देते हैं। 
अन्यथा आप छोटी-छोटी परिस्थिति में फँस मैं और मेरे में आ जाते हो…!

बस बच्चे, अब आप मंज़िल पर पहुँचे कि पहुँचें…।

मंज़िल पर पहुँचना – यह संकल्प उमंग-उत्साह भरा संकल्प है … वैसे आप हो भी मंज़िल के समीप ही, परन्तु बीच-बीच में समय को आधार बना अलबेले हो जाते हो या फिर समय की counting शुरू कर देते हो – यह दोनों ही संकल्प आपको मंज़िल से दूर कर देते हैं, जो मंज़िल आपके समीप ही थी…!

इसलिए निरसंकल्प हो, जैसे बाप कहता है, वैसे करो … तब ही आप सभी चीज़ों से अर्थात् इन पाँच तत्वों की दुनिया के प्रभाव से निकल बाप-समान बन सकते हो…।

अच्छा। ओम् शान्ति।

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